सरकार द्वारा नियुक्त सत्यम कंप्यूटर सर्विसेज का नवगठित बोर्ड मुंबई में शुक्रवार को अनौपचारिक बैठक करेगा।
इसमें सत्यम की बोली प्रक्रिया और संकट में फंसी कंपनी के तकनीक समाधान के बारे में चर्चा की जाएगी। कंपनी के एक सूत्र ने बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया कि इस हफ्ते बोर्ड पूरी स्थितियों की समीक्षा करेगा। इसके अलावा बोर्ड निवेशक बैंक एवेंडस और गोल्डमैन सैक्स से भी बात करेगा।
बैठक में बोली लगाने वाली कंपनियों को वित्तीय बोली के लिए चयनित किया जाएगा। इस बोली को जीतने वाली कंपनी के हाथ सत्यम की 31 फीसदी हिस्सेदारी हाथ लगेगी। इसके अलावा बोली जीतने वाली कंपनी को ओपन ऑफर के जरिये शेयरधारकों से 20 फीसदी हिस्सेदारी मिलेगी।
बोर्ड ने पहले ही यह संकेत दिया है कि 30 अप्रैल तक खरीदार के नाम की अंतिम घोषणा कर दी जाएगी। सत्यम की नवगठित बोर्ड ने कंपनी की बड़ी हिस्सेदारी खरीदने के लिए आठ कंपनियों का चयन किया था, जिनमें 7 अरब डॉलर की इंजीनियरिंग कंपनी एल ऐंड टी की तकनीक सहयोगी कंपनी एल ऐंड टी इन्फोटेक, आईटी कंपनी आईबीएम, टेक महिन्द्रा और बी. के. मोदी प्रवर्तित कंपनी स्पाइस ग्रुप का नाम शामिल था।
हालांकि स्पाइस ग्रुप ने बोली प्रक्रिया में अपारदर्शिता का आरोप लगाते हुए इस प्रक्रिया से अपना पल्ला झाड़ लिया। अगर वित्तीय मोर्चे की बात की जाए, तो सत्यम को ज्यादा परेशानी नहीं है। वर्तमान में नए बोर्ड ने कार्यशील पूंजी खर्च और वेतन की राशि जुटाने के लिए 600 करोड़ रुपये की उगाही हेतु आईडीबीआई और बैंक ऑफ बड़ौदा से गठजोड़ किया है।
हालांकि स्थितियों में हो रहे सुधार के बावजूद सत्यम के कर्मियों और सहयोगियों का विश्वास नहीं लौट पा रहा है। यही वजह है कि जिन कर्मचारियों को जहां मौका मिल रहा है, वे पलायन कर रहे हैं। एक कर्मचारी ने कहा, ‘स्थिति बहुत खराब है। कुछ कर्मचारी कंपनी छोड़ रहे हैं और कुछ ने छोड़ने की तैयारी कर ली है।