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ऋण बोझ घटाएगी रुचि सोया

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Last Updated- December 12, 2022 | 3:40 AM IST

पतंजिल आयुर्वेद के स्वामित्व वाली रुचि सोया इंडस्ट्रीज अपनी शेयर बिक्री पेशकश से मिलने वाली 2,663 करोड़ रुपये की पूंजी का इस्तेमाल अपने कर्ज को घटाने के लिए करेगी। कंपनी ने यह भी कहा है कि फॉलो-ऑन पब्लिक ऑफर (एफपीओ) से ठीक पहले, उसने अपनी मूल इकाइयों से बिस्कुट और नूडल्स कारोबार को करीब 64 करोड़ रुपये में खरीदा है।
कंपनी ने कहा है कि शेयर बिक्री से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल गैर-परिवर्तनीय डिबेंचर्स के तौर पर लिए गए कर्ज की पूर्व अदायगी में किया जाएगा। उसने कहा है, ‘हमें विश्वास है कि ऐसे पूर्व अदायगी से हमें अपना बकाया कर्ज घटाने, ऋण भुगतान लागत में कमी लाने और अपने व्यवसाय की वृद्घि एवं विस्तार में पुन: निवेश के लिए रकम का इस्तेमाल करने में मदद मिलेगी।’
कंपनी ने कहा है कि उसकी निर्गम पूर्व चुकता पूंजी का 98.87 प्रतिशत हिस्सा मौजूदा समय में पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड, योगक्षेम संस्थान, पतंजलि परिवहन प्राइवेट लिमिटेड और पतंजलि ग्रोमोद्योग न्यास द्वारा नियंत्रित है। शेयर बिक्री से प्रवर्तकों को सेबी के नियमों को ध्यान में रखते हुए अपनी हिस्सेदारी मौजूदा 98 प्रतिशत से घटने में मदद मिलेगी। सेबी के मानकों के तहत न्यूनतम सार्वजनिक शेयरधारिता 25 प्रतिशत पर निर्धारित की गई है।
पतंजलि द्वारा कंपनी का अधिग्रहण किए जाने के बाद से उसका शेयर पिछले साल जनवरी में पुन: सूचीबद्घ हुआ था। तब से, उसकी शेयर कीमत आसपान छू चुकी है और उसका बाजार पूंजीकरण भी शेयर में कम तरलता की वजह से 37,000 करोड़ रुपये पर पहुंच
गया है।
मंगलवार को, कंपनी का शेयर 1,250 रुपये पर कारोबार कर रहा था। प्रवर्तकों द्वारा एफपीओ के जरिये कंपनी में अपनी हिस्सेदारी में 9 प्रतिशत तक की कमी लाने की संभावना है। कंपनी ने कहा है कि प्रवर्तक इकाइयों ने रुचि सोया में अपने शेयर बैंकों के कंसोर्टियम के पास गिरवी रखे हैं, जिनमें एसबीआई, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, केनरा बैंक (पूर्व में सिंडिकेट बैंक), इंडियन बैंक (पूर्व में इलाहबाद बैंक) और पंजाब नैशनल बैंक शामिल हैं।
कंपनी ने यह भी खुलासा किया है कि उसने इस साल मई और जून में उसके प्रवर्तकों के स्वामित्व वाले कई व्यवसाय खरीदे हैं।
कंपनी ने कहा है, ‘हमारे एक प्रवर्तक यानी पतंजलि नैचुरल बिस्कुट्स प्राइवेट लिमिटेड से बिस्कुट, कूकीज, रस्क और अन्य संबद्घ बेकरी उत्पाद व्यवसाय की बिक्री के आधार पर व्यवसाय स्थानांतरण से नियामकीय निहितार्थ जुड़े हो सकते हैं और इसलिए हमारी कंपनी को ताजा अधिग्रहण से हासिल होने वाले प्रतिफल या लाभ के बारे में  ठोस आश्वासन नहीं दिया जा सकता।’ रुचि सोया ने कहा है कि उसने जून में पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड से नूडल्भ्स और ब्रेकफास्ट सिरील व्यवसाय का भी अधिग्रहण किया है।

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First Published - June 15, 2021 | 11:29 PM IST

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