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भारत-कनाडा का 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार $50 अरब पहुंचाने का लक्ष्य, वित्त मंत्री सीतारमण ने किया ऐलान

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टोरंटो में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2030 तक भारत-कनाडा व्यापार 50 अरब डॉलर पहुंचाने और 2026 तक एफटीए पूरा करने की बात कही

Last Updated- August 28, 2026 | 10:04 PM IST
Union Finance Minister Nirmala Sitharaman
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण | फाइल फोटो

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को टोरंटो में कहा कि भारत और कनाडा 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना से अधिक बढ़ाकर 50 अरब डॉलर तक पहुंचाने की राह पर अग्रसर हैं। 

सीतारमण ने कनाडा के वित्त एवं राष्ट्रीय राजस्व मंत्री फ्रांस्वा फिलिप शैंपेन से अनौपचारिक बातचीत में कहा, ‘आजकल हर देश स्थिरता और भरोसे की तलाश में है। इसलिए देशों को एकजुट होने की जरूरत है, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि व्यापार सुचारु रूप से चलता रहेगा। और हमने कई क्षेत्रों में बाजार पहुंच की पहचान कर ली है।’ 

दोनों देश मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर भी चर्चा कर रहे हैं, जिसका उद्देश्य 2026 के अंत तक इसे पूरा करना और द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाना है, जो 2025-26 में 7.96 अरब डॉलर था, उसे 2030 तक 50 अरब डॉलर तक पहुंचाना है। भारत और कनाडा ने पिछले साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यात्रा के दौरान द्विपक्षीय व्यापार के लिए यह महत्त्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया था।

दोनों अर्थव्यवस्थाएं प्रस्तावित व्यापार समझौते को अनिश्चितता से भरे इस विश्व में स्थिरता की किरण के रूप में देखती हैं। शैंपेन ने कहा, ‘2026 की दुनिया में मुझे अधिक जटिलता और अस्थिरता दिखाई देती है। मेरा मानना ​​है कि विश्वास दुनिया में सबसे अधिक मांग वाली वस्तु है।’ उन्होंने कहा, ‘और जब मैं भारत और कनाडा के बारे में सोचता हूं, तो हम एक-दूसरे के पूरक हैं क्योंकि आज खाद्य सुरक्षा, ऊर्जा सुरक्षा, आर्थिक सुरक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा का संबंध लगभग एक ही है।’

व्यापार समझौते के अलावा दोनों देश वित्तीय निवेश संरक्षण समझौते पर भी विचार कर रहे हैं। इस समझौते पर चर्चा ऐसे समय में हो रही है जब आंकड़ों से पता चलता है कि पिछले चार वर्षों में कनाडा से भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) लगभग दोगुना हो गया है।

उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2026 में कनाडा भारत में एफडीआई का 16वां सबसे बड़ा स्रोत था, जिसने अप्रैल 2000 से अब तक कुल 4.33 अरब डॉलर का निवेश किया है। कनाडा की वित्तीय सेवा कंपनी फेयरफैक्स ने आईडीबीआई बैंक में 60 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल करने के लिए बोली लगाई है, जो वर्तमान में सरकार की रणनीतिक विनिवेश प्रक्रिया के तहत है।

इस बीच, सीतारमण ने कार्यक्रम में कनाडाई व्यवसायों से भारत सरकार के साथ सक्रिय रूप से जुड़े रहने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि सरकार भारत में उनके लिए व्यापारिक माहौल को सुगम बनाने के लिए हरसंभव उपाय करेगी। 

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First Published - August 28, 2026 | 9:59 PM IST

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