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टोयोटा की सवारी पर मंदी पड़ गई ‘भारी’

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Last Updated- December 08, 2022 | 9:08 AM IST

विश्व की सबसे बड़ी कार कंपनी टोयोटा ने भारत में उत्पादन कम करने की घोषणा की है। लेकिन कंपनी भारत में 3,200 करोड़ रुपये का निवेश जारी रखेगी।


उत्पादन कम करने की घोषणा के बाद कंपनी की निवेश परियोजनाएं भी रद्द होने की आशंका जताई जा रही थी। देश में टोयोटा ने किर्लोस्कर समूह के साथ मिलकर टोयोटा किर्लोस्कर मोटर (टीकेएम) संयुक्त उपक्रम के जरिए परिचालन करती है।

कंपनी ने बताया कि ऑटो उद्योग में छाई मंदी के कारण कंपनी को अपने इस साल के बिक्री लक्ष्यों में फेरबदल करना पड़ा है। टीकेएम के प्रबंध निदेशक हिरोशी नाकागावा ने बताया, ‘टोयोटा ने भारत के अलावा बाकी देशों में अपनी निवेश परियोजनओं को टाल दिया है। लेकिन कंपनी भारत में पहले की तरह ही निवेश करेगी।’

घरेलू बाजार में घटती मांग के कारण कंपनी ने नवंबर में 2,886 इकाइयों का उत्पादन किया था। लेकिन इस महीने कंपनी ने उत्पादन में 30 फीसदी कटौती करने की योजना बनाई है।

नाकागावा ने बताया, ‘हम दिसंबर से 30 फीसदी उत्पादन घटाने वाले हैं। भविष्य में बाजार की हालत देखते हुए हम जनवरी में उत्पादन पर फैसला करेंगे।’

उन्होंने कहा कि कंपनी ने घटती मांग के कारण अपनी बिक्री के लक्ष्य में बदलाव किया है। नाकागावा ने बताया, ‘हमारे लिए पिछले साल के बिक्री के आंकड़े प्राप्त करना ही मौजूदा समय की सबसे बड़ी चुनौती है।’

टीकेएम ने देश में इस साल 60,000 वाहनों की बिक्री का लक्ष्य रखा था। कंपनी ने 2007 में भारतीय बाजार में 54,181 वाहनों की बिक्री की थी। इस साल नवंबर में कंपनी की बिक्री के आंकड़े काफी निराशाजनक रहे। इस साल नवंबर के दौरान हुई बिक्री में 48.55 फीसदी की गिरावट आई है।

इस नवंबर में कंपनी ने 2,087 वाहनों की ही बिक्री की, जबकि पिछले साल इसी समयावधि में यह आंकड़ा 4,056 वाहन था। कंपनी जल्द ही भारत में अपनी यूटिलिटी व्हीकल इन्नोवा का सीएनजी संस्करण भी लॉन्च करने वाली है।

फिलहाल कंपनी इसका परीक्षण कर रही है। टीकेएम के उप-प्रबंध निदेशक संदीप सिंह ने बताया, ‘हमें उम्मीद है कि हम जनवरी 2009 के अंत तक इसे बाजार में उतारेगी।’

इससे पहले कंपनी ने बेंगलुरु में नया संयंत्र लगाने के लिए करीब 3,200 करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की थी। कंपनी इस नए संयंत्र से 2010 में छोटी कार का उत्पादन शुरू करने की योजना बना रही है। नाकागावा ने बताया कि छोटी कार परियोजना समय पर ही चल रही है।

उन्होंने बताया, ‘इस परियोजना के लिए हम आंतरिक संसाधनों द्वारा रकम जुटाएंगे। कुछ रकम बैंक और बाजार से जुटाई जाएगी।’ हालांकि कितनी रकम बैंक और कितनी बाजार से ली जाएगी, इस बारे में उन्होंने कुछ भी कहने से साफ इनकार कर दिया।

सिंह ने बताया कि कंपनी 2010 तक देश में अपने डीलरों की संख्या मौजूदा 77 से बढ़ाकर 200 करने की योजना बना रही है। कंपनी ने गुड़गांव में टोयोटा की गाड़ियों की मरम्मत एक घंटे में करने की सुविधाओं वाला नया केंद्र खोला है।

सिंह ने बताया, ‘यह देश में हमारा चौथा सर्विस कें द्र है, जहां टोयोटा कार की सर्विस मात्र एक घंटे में ही हो जाएगी।’ उन्होंने बताया कि कंपनी 2009 तक ऐसे कें द्रों की संख्या बढ़ाकर 66 करने की योजना बना रही है।

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First Published - December 15, 2008 | 10:45 PM IST

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