facebookmetapixel
Advertisement
Turtlemint IPO Listing: पहले ही दिन लगा झटका! 11% डिस्काउंट पर हुई एंट्री, अब निवेशक बेचें या करें होल्ड?टैक्स राहत के बाद भारतीय बॉन्ड बाजार में ग्लोबल फंड्स की बढ़ी दिलचस्पी, रुपये को मिला सहाराअमेरिका ने फिर ईरान पर किया हमला, बहरीन-कुवैत हमले के बाद ट्रंप का बड़ा एक्शनMSME लोन से बैंकिंग सेक्टर को रफ्तार! SBI, HDFC समेत ये बैंक शेयर बने ब्रोकरेज की पसंदITR Filing 2026: रिफंड चाहिए तो ITR के बाद तुरंत करें e-Verification, देरी हुई तो बढ़ सकती है परेशानीभारत की नजर अब Qatar और Bahrain पर, GCC से पहले इन देशों के साथ होगी व्यापारिक साझेदारी!3 जुलाई को होगा बड़ा फैसला! 2030 तक 2 लाख करोड़ डॉलर निर्यात लक्ष्य पर सरकार का मेगा प्लानGold, Silver Price Today: तेज शुरुआत के बाद सोना पड़ा सुस्त, चांदी में भी गिरावटFCNR-B Scheme बनेगी विदेशी पूंजी का बड़ा जरिया? Standard Chartered CEO ने किया बड़ा दावामेडिकल डिवाइस कंपनियों को बड़ी राहत! लाइसेंस मिलने में लगेगा कम समय, सरकार लाई नया प्रस्ताव

ग्रॉसरी स्टोर पर भी मंदी की गाज

Advertisement
Last Updated- December 08, 2022 | 9:00 AM IST

देश में कुछ बड़े  फूड और ग्रॉसरी स्टोर मौजूदा मंदी का शिकार हो सकते हैं। इनमें से कुछ स्टोर  बंद हो सकते हैं या विलय की राह पर चलने को बाध्य हो सकते हैं।


बोस्टन कंसल्टिंग गु्रप के पार्टनर एवं निदेशक आनंद रघुरमण ने कहा कि इन स्टोरों को मंदी के दबाव को झेल पाना बेहद मुश्किल होगा, क्योंकि इनके व्यवसाय की श्रेणी में मार्जिन सभी रिटेल फॉर्मेट की तुलना में काफी कम है।

सुभिक्षा और ऐसे अन्य फूड और ग्रॉसरी रिटेल स्टोरों का मार्जिन परिधान स्टोरों के 10-15 फीसदी मार्जिन की तुलना में 2-3 फीसदी ही है।

अपने स्टोरों के जरिये निजी लेबलों की बिक्री करने वाले रिटेलर कुछ उत्पादों पर 30 फीसदी से भी अधिक का मार्जिन हासिल करते हैं। आर सुब्रमण्यम प्रवर्तित फूड एवं ग्रॉसरी फॉर्मेट चेन सुभिक्षा फल एवं सब्जियों के कारोबार से पहले ही बाहर हो चुका है।

इस रिटेलर ने नकदी की कमी और मौजूदा मंदी की वजह से कंज्यूमर डयूरेबल कारोबार में दस्तक देने की अपनी योजनाओं को टाल दिया है।

Advertisement
First Published - December 12, 2008 | 10:51 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement