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बंधे हाथों से भी उठे सवाल

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Last Updated- December 10, 2022 | 2:07 AM IST

संकट में घिरी रिटेल कंपनी सुभिक्षा ट्रेडिंग सर्विसेज में 23 फीसदी हिस्सेदारी वाली कंपनी आईसीआईसीआई वेंचर ने कहा कि कंपनी के मालिक आर सुब्रमण्यन ने सभी निवेशकों से कंपनी की वित्तीय सूचना छिपाई हैं, इसलिए उसके हाथ बंधे हुए हैं।
अलबत्ता कंपनी ने सुभिक्षा के तमाम सौदों की पड़ताल कराए जाने की मांग की है। आईसीआईसीआई वेंचर ने मार्च 2008 में 10 फीसदी हिस्सेदारी प्रेमजीइनवेस्ट को 300 करोड़ रुपये में बेच दी थी। इस समय कंपनी में उसके कुल 106 करोड़ रुपये लगे हुए हैं।
आईसीआईसीआई वेंचर ने सुब्रमण्यन के उस दावे को भी नकार दिया है, जिसके मुताबिक उसके पास वीटो का अधिकार है। कंपनी की प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्य अधिकारी रेणुका रामनाथ ने बताया कि दोनों के बीच किसी तरह का गोल्डन शेयर समझौता नहीं है।
रामनाथ ने कहा, ‘जिम्मेदार निवेशक होने के नाते हम कम हिस्सेदारी होने पर और प्रबंधन का जिम्मा अपने पास नहीं होने पर भी हम सुभिक्षा को संकट के भंवर से उबारने के लिए विभिन्न ऋणदाताओं और निवेशकों से बातचीत कर रहे हैं और हरेक विकल्प पर विचार किया जा रहा है। कर्मचारियों और निवेशकों के हित में हम सबसे अच्छा समाधान चाहते हैं।’
उन्होंने बताया कि आईसीआईसीआई वेंचर ने अप्रैल 2007 के बाद से सुभिक्षा के सौदों की पड़ताल करने के लिए कंपनी रजिस्ट्रार को चिट्ठी लिख दी है। 

आईसीआईसीआई वेंचर्स की प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्य अधिकारी रेणुका रामनाथ ने बताया कि इस दौरान हुई वित्तीय गतिविधियों का स्वतंत्र ऑडिट कराने की मांग भी उन्होंने की है।

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First Published - February 24, 2009 | 12:08 AM IST

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