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पावरग्रिड को जापान से मिला 80 अरब येन का ग्रीन लोन, खावड़ा परियोजना को मिलेगी रफ्तार

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इस परियोजना का उद्देश्य गुजरात के खावड़ा अक्षय ऊर्जा पार्क में बनने वाली स्वच्छ ऊर्जा को देश के विभिन्न बिजली मांग वाले क्षेत्रों तक पहुंचाना है

Last Updated- July 06, 2026 | 10:42 PM IST
powergrid
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (पावरग्रिड) ने जापान बैंक फॉर इंटरनैशनल कोऑपरेशन (जेबीआईसी) से 80 अरब येन का ग्रीन लोन हासिल किया है। यह ऋण खावड़ा-नागपुर हाई वोल्टेज डायरेक्ट करंट (एचवीडीसी) ट्रांसमिशन परियोजना के लिए लिया गया है। इस ऋण समझौते पर 17 जून 2026 को पावरग्रिड और जेबीआईसी के बीच हस्ताक्षर किए गए। इस परियोजना का उद्देश्य गुजरात के खावड़ा अक्षय ऊर्जा पार्क में बनने वाली स्वच्छ ऊर्जा को देश के विभिन्न बिजली मांग वाले क्षेत्रों तक पहुंचाना है। यह भारत के बिजली ट्रांसमिशन क्षेत्र में अब तक की सबसे बड़ी पर्यावरण-अनुकूल वित्तीय व्यवस्था में से एक है।

पावरग्रिड का लक्ष्य वर्ष 2047 तक शुद्ध-शून्य कार्बन उत्सर्जन हासिल करना है। साथ ही, कंपनी 2030 तक जल उपयोग में सकारात्मक बनने और कचरा भराव क्षेत्र के कचरे को पूरी तरह खत्म करने का लक्ष्य भी रखती है। इसके अलावा, कंपनी अपनी बिजली की खपत में अक्षय ऊर्जा का हिस्सा लगातार बढ़ा रही है।

जेबीआईसी जापान सरकार के पूर्ण स्वामित्व वाला एक नीति-आधारित वित्तीय संस्थान है। इसकी स्थापना 1999 में हुई थी। इसका उद्देश्य निजी क्षेत्र की वित्तीय सहायता को बढ़ावा देकर ऐसे विकास कार्यों में निवेश करना है जो वैश्विक अर्थव्यवस्था के विकास में योगदान दें।

31 मई 2026 तक पावरग्रिड के पास 291 सबस्टेशन, 1,85,750 सर्किट किलोमीटर लंबी ट्रांसमिशन लाइनें और 6,30,516 मेगा वॉल्ट-एम्पियर (एमवीए) की ट्रांसफॉर्मेशन क्षमता थी। कंपनी ने एक बयान में कहा है कि आधुनिक तकनीकों के उपयोग से उसने अपने बिजली ट्रांसमिशन तंत्र की उपलब्धता 99.5 प्रतिशत से अधिक लगातार बनाए रखी है। 

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First Published - July 6, 2026 | 10:42 PM IST

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