भारत में दवाइयों की कीमतें निर्धारण करने वाली नियामक संस्था नेशनल फार्मास्युटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी (एनपीपीए) ने सभी दवा कंपनियों से कहा है कि वे हर प्रकार की दवाओं की कीमतों में 2.4 फीसदी की कमी करें।
सरकार द्वारा उत्पाद शुल्क में की गई कटौती की वजह से ऐसा कहा जा रहा है। सरकार ने जब से उत्पाद शुल्क में 4 फीसदी की कमी की है, तो अब दवाई पर 8 के बजाय 4 फीसदी हीं कर लगाया जा रहा है। एनपीपीए ने अपने प्रेस विज्ञप्ति में कंपनियों से कीमत कम करने की अपील की है।