गति लिमिटेड कार्गो कंपनी से आपूर्ति शृंखला और लॉजिस्टिक कंपनी बनने के लिए लगभग 450 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। इसके साथ ही कंपनी अंतरराष्ट्रीय कारोबार का भी विस्तार करने की योजना बना रही है।
देश भर में गोदामों का निर्माण करने के साथ ही कंपनी दो नए जहाज खरीदने की भी तैयारी कर रही है। कंपनी को उम्मीद है कि इसके बाद बंगाल की खाड़ी, अंडमान द्वीप और मलक्का जलडमरूमध्य में परिचालन करने वाली पसंदीदा कंपनी बन जाएगी। कंपनी के मुख्य कार्यकारी महेंद्र अग्रवाल ने कहा, ‘हमारी योजना साल 2010 तक अपने गोदामों की हालिया क्षमता बढ़ाकर दोगुनी करने की है।’
उन्होंने कहा कि कंपनी इस महीने के अंत तक ‘प्राइड’ नामक जहाज खरीद लेगी। इसके लिए कंपनी लगभग 64.4 करोड़ रुपये खर्च करेगी। अगले महीने कंपनी लगभग 78.2 करोड़ रुपये खर्च कर ‘मेजेस्टिक’ नाम का जहाज भी खरीदेगी। इसके साथ ही कंपनी
के जहाजों की संख्या बढ़कर 6 हो जाएगी।
कंपनी के कुल कारोबार में शिपिंग कारोबार की हिस्सेदारी लगभग 15 फीसदी है। अग्रवाल ने कहा कि कंपनी इस वक्त लॉजिस्टिक के कारोबार पर ध्यान दे रही है। इसके लिए कंपनी ने एक ब्रिटिश अधिकारी जेम्स स्कॉट को नियुक्त किया है। कंपनी ने हाल ही में एयर इंडिया के साथ मिलकर अपनी कूरियर कंपनी फिर से एआई गति के नाम से लॉन्च की है।
कंपनी अगले महीने से इस सेवा को रात में शुरू करने की योजना बना रही है। अग्रवाल ने कहा कि देश में कंपनी का वितरण नेटवर्क काफी मजबूत है जिस कारण यह कूरियर की डिलीवरी करने वाली कंपनी ब्लू डार्ट को कड़ा मुकाबला दे सकती है। फिलहाल देश भर में गति के लगभग 18 एक्सप्रेस डिलीवरी केंद्र हैं।
कंपनी ने इनमें से लगभग 60 फीसदी केंद्रों पर गोदाम भी बना लिए हैं। उन्होंने बताया, ‘अगले साल तक हम इन सभी केंद्रों पर गोदाम बना लेंगे।’
अंतरराष्ट्रीय बाजार में विस्तार करने की योजना के तहत कंपनी ने एम्सटर्डम की कंपनी जनरल लॉजिस्टिक सिस्टम्स के साथ करार किया है।
इस करार के जरिए कंपनी यूरोपीय बाजार में भी कदम रखेगी। फिलहाल चीन, सिंगापुर, जापान, दुबई, हांग कांग, थाईलैंड, नेपाल और श्रीलंका में कंपनी के कार्यालय हैं।