मार्च तिमाही के वित्तीय नतीजों की घोषणा करने की समय-सीमा में बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) द्वारा दी गई रियायत का फायदा पिछले साल के मुकाबले इस बार कुछ ही कंपनियां उठाएंगी। कैपिटा लाइन के आंकड़ों के आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि 501 कंपनियों ने 15 मई की मूल समय-सीमा से पहले चौथी तिमाही के वित्तीय नतीजे जारी करने की सूचना दी है। इसके मुकाबले पिछले साल 15 मई तक चौथी तिमाही के वित्तीय नतीजे जारी करने वाली कंपनियों की संख्या महज 159 थी।
सेबी ने 29 अप्रैल को जारी एक परिपत्र में कहा कि मार्च तिमाही के वित्तीय नतीजे और वार्षिक वित्तीय नतीजे जारी करने की समय-सीमा को बढ़ाकर 30 जून कर दिया गया है। बाजार नियामक ने पिछले साल भी इसी तरह की रियायत दी थी क्योंकि कंपनियां और अंकेक्षक कोविड प्रेरित लॉकडाउन संबंधी पाबंदियों से जूझ रहे थे। कानून विशेषज्ञों ने कहा कि कोविड-19 की दूसरी लहर कहीं अधिक तेज और घातक होने के बावजूद अंकेक्षकों ने इस बार अपने काम को बेहतर तरीके से संभाल लिया।
लॉ फर्म किनी के पार्टनर राज भल्ला ने कहा, ‘पिछले साल कोवडि-19 के अचानक प्रकोप के कारण कंपनियां तैयार नहीं थीं। इस साल कोविड-19 का प्रकोप जारी रहने के कारण अधिकतर कंपनियों ने अनुपालन को ध्यान में अवश्य रखा होगा और इसलिए वे मूल समय-सीमा के भीतर अपने वित्तीय नतीजे जारी कर रही हैं। हालांकि सेबी द्वारा समय-सीमा में दिया गया विस्तार एक सकारात्मक कदम है, खासकर कोविड-19 की दूसरी लहर के भयावहता के मद्देनजर।’
हालांकि पिछले साल के मुकाबले इस साल समय पर वित्तीय नतीजे जारी करने वाली कंपनियों की संख्या अधिक है लेकिन सामान्य स्तर के मुकाबले वह अब भी कम है। उदाहरण के लिए, मई 2019 में करीब 700 कंपनियों ने 15 मई से पहले अपने वित्तीय नतीजे जारी किए थे। विशेषज्ञों ने कहा कि सेबी की रियायत से बड़ी कंपनियों के मुकाबले छोटी कंपनियों को कहीं अधिक फायदा होगा।
एलऐंडएल पार्टनर्स के पार्टनर अमृत टोंक ने कहा, ‘हमें इसे केवल शीर्ष कंपनियों के परिप्रेक्ष्य में नहीं देखना चाहिए बल्कि छोटी कंपनियों का भी ध्यान रखना चाहिए जिनके पास बराबर बुनियादी ढांचा नहीं हो सकता है। समय-सीमा का अनुपालन करने में विफलता के लिए उन्हें दंडित करना क्रूरता होगी खासकर ऐसे समय में जब हम कहते हैं कि लगभग हरेक व्यक्ति किसी न किसी तरह कोविड से प्रभावित हुआ है।’
सूचीबद्ध कंपनियों को वित्तीय नतीजे जारी करने के लिए हरेक तिमाही के अंत से 45 दिनों का समय दिया जाता है। आमतौर पर अधिकतर कंपनियों द्वारा जारी वित्तीय नतीजों से आगामी तिमाहियों के लिए परिदृश्य का भी पता चलता है।