आज बाजार में पेश होने जा रही टाटा मोटर्स की बहुप्रतीक्षित कार नैनो को भले ही दुनिया की सबसे सस्ती कार के तौर पर प्रचारित किया जा रहा है लेकिन जो भाग्यशाली ग्राहक नैनो को पाने में कामयाब रहेंगे, उनको 30,000 रुपये का मोटा प्रीमियम जरूर मिलेगा। इसकी वजह यह है कार की मांग की तुलना में शुरुआत में आपूर्ति काफी कम की जा रही है।
टाटा मोटर्स के डीलरों का कहना है कि तकरीबन 5 करोड़ ग्राहकों ने नैनो को खरीदने में दिलचस्पी दिखाई है। इसमें से अगर 0.5 या एक फीसदी ग्राहकों को भी नैनो दी जाती है तब भी कंपनी को कम से कम ढाई से पांच लाख नैनो तो चाहिए होंगी। मौजूदा वक्त में कंपनी के लिए यह आंकड़ा जुटाना असंभव है। नैनो के खरीदार का चयन कंप्यूटर लॉटरी द्वारा किया जाएगा।
डीलरों का यह भी कहना है कि पहले साल में केवल 40,000 से 50,000 नैनो ही बाजार में उपलब्ध होंगी। अगर कंपनी क्षमता से भी अधिक उत्पादन कर पाई तब भी यह आंकड़ा एक लाख से ऊपर नहीं जाने वाला। इसका मतलब यही है कि नैनो खरीदने के लिए ग्राहकों को दो साल तक इंतजार की घड़ियां गिननी पड़ सकती हैं।
जब गुजरात के साणंद में मुख्य संयंत्र में काम पूरे जोर पर शुरू हो जाएगा तब हर साल ढाई से पांच लाख नैनो का उत्पादन संभव हो सकेगा। लेकिन यह संयंत्र भी इस साल अक्टूबर से ही शुरू हो पाएगा।
दिल्ली में टाटा मोटर्स के एक डीलर कहते हैं, ‘यह दौर फिर से मारुति 800 के दौर की याद दिला रहा है। अगर कोई नैनो को पाने में कामयाब रहता है तो वह तुरंत ही उसे 30,000 रुपये ज्यादा में बेच सकता है।’
वैसे टाटा मोटर्स तो फिलहाल बुकिंग से जुड़ी जानकारियां देने से कन्नी काट रही है। लेकिन अगर डीलरों की मानें तो नैनो के इच्छुक खरीदार को नैनो की कीमत का 70 फीसदी यानि 70,000 रुपये जमा कराने होंगे।
कार को फाइनैंस करने के लिए टाटा मोटर्स ने देश के सबसे बड़े बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के साथ एक गठजोड़ भी किया है। इस मामले में डीलर का रोल केवल कार की डिलिवरी देने का होगा जबकि फाइनैंस कराने में उसकी कोई भूमिका नहीं होगी।
बुकिंग के लिए मोटी रकम लेना टाटा मोटर्स के लिए बहुत फायदेमंद साबित होगा। एक विश्लेषक का कहना है, ‘अगर कंपनी 2 लाख कारों की ही बुकिंग करती है तब उसके पास 1,400 करोड़ रुपये आएंगे। इस मोटी रकम को कंपनी अपनी वित्तीय जरूरत के हिसाब से खर्च कर सकती है।’ नैनो के लिए प्रीमियम की रकम यूं ही नहीं आसामान छूती दिख रही है। दरअसल, इसके मुकाबले में कोई है ही नहीं।
एक लाख रुपये की कार पर मिलेगा 30,000 रुपये का मोटा प्रीमियम
जबर्दस्त मांग की तुलना में कम आपूर्ति बताई जा रही है वजह
पांच करोड़ ग्राहकों ने दिखाई नैनो में दिलचस्पी