दूरसंचार क्षेत्र की नई कंपनियां नेटवर्क विस्तार और बुनियादी ढांचा विकास के लिए अगले 4 महीनों में करीब 2 अरब डॉलर (100 अरब रुपये) का निवेश करेगी।
उल्लेखनीय है कि दूरसंचार क्षेत्र में ऐसे समय में निवेश किया जा रहा है, जब अन्य सेक्टरों को निवेश के लिए धन की व्यवस्था करने में भारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
गार्टनर के प्रमुख शोध विश्लेषक नरेश सिंह का कहना है कि नई कंपनियां जल्द ही काम शुरू कर देंगी। दरअसल, इन कंपनियों को पिछले साल ही स्पेक्ट्रम का आवंटन किया गया था, लेकिन अब तक ये कंपनियां परिचालन शुरू नहीं कर पाई हैं। ऐसे में सरकार इन कंपनियों पर दबाव बना रही हैं कि वे जल्द से जल्द परिचालन शुरू कर दें।
गौरतलब है कि दूरसंचार विभाग की ओर से यह नियम बनाया गया है कि जिन कंपनियों को स्पेक्ट्रम आवंटित किया गया है, उन्हें 6 माह के अंदर परिचालन शुरू करना अनिवार्य है। इसके साथ ही जिला मुख्यालय के 10 फीसदी एरिया में एक साल के अंदर नेटवर्क कायम करना होगा, जबकि 50 फीसदी एरिया तक नेटवर्क का विस्तार 5 सालों के अंदर करना होगा।
श्याम सिस्तेमा को 22 सर्कि लों के लिए लाइसेंस मिला है, जबकि यूनिटेक वायरलेस को 21 सर्किल, डाटाकॉम सॉल्यूशंस और लूप टेलिकॉम को 20 सर्किलों और स्वान टेलिकॉम को 14 सर्किलों के लिए स्पेक्ट्रम का आवंटन किया गया है।
ये कंपनियां अगले 6 माह के अंदर निर्धारित सर्किलों में 2जी सेवा की शुरुआत करने की तैयारी कर रही हैं। इसके साथ ही एस टेल और टाटा टेलिसर्विसेज को जीएसएम सेवा के लिए लाइसेंस दिया गया है। नई दूरसंचार कंपनियों को फरवरी 2008 में स्पेक्ट्रम का आवंटन किया गया था।