निंबस कम्युनिकेशंस की विस्तार योजनाओं को जो देखेगा वह भूल जाएगा कि अभी दुनिया की अर्थव्यवस्थाएं मंदी का सामना कर रही हैं।
कंपनी अब मलयेशिया, थाईलैंड, इंडोनेशिया में अपने विस्तार की योजनाएं बना रही है। साथ ही, यूरोप और उत्तरी अमेरिका के बाजार पर भी उसकी नजर है। निंबस के सीईओ हरीश थवानी ने नेविन जॉन से बातचीत की। प्रस्तुत है उस बातचीत के अहम अंश :
कंपनियां अभी निवेश की अपनी योजनाएं जहां टाल रही हैं, वहीं नगदी सुरक्षित रखने के लिए खर्चो में कटौती हो रही है। क्या इससे आपके विज्ञापन राजस्व में कोई कमी हुई है?
समाचार और मनोरंजन चैनलों की तुलना में क्रिकेट चैनल के पास निश्चित दर्शक होते हैं। नियो का 98 प्रतिशत राजस्व क्रिकेट और शेष दूसरे खलों से आता है। जब कभी भारतीय क्रिकेट टीम के अंतरराष्ट्रीय मैचों का प्रसारण होता है, तब इसकी रेटिंग में उछाल आ जाता है।
क्रिकेट चैनलों की विज्ञापन दरें प्राय: समान बनी रहती हैं। क्योंकि सभी सामाजिक-आर्थिक वर्ग के 15 से 45 साल के दर्शकों तक इसकी पहुंच होती है। सबको क्रिकेट प्रिय है। मीडिया के दूसरे माध्यमों के लिए ऐसी स्थिति पा पाना दुर्लभ है। इस चलते सभी उत्पादों के लिए क्रिकेट चैनल सबसे सही प्लेटफॉर्म साबित होते हैं। 25 साल से कम उम्र के देश के 23-24 करोड़ युवाओं के बीच क्रिकेट के जरिए ही पहुंचा जा सकता है। यही वह चीज है जिसके जरिए उन्हें जोड़ा जा सकता है।
अभी किन-किन क्षेत्रों से आपको विज्ञापन मिल रहे हैं?
तीसरी तिमाही में ऑटोमोबाइल क्षेत्र में मांग घटने से इनके विज्ञापनों में कमी हुई थी। हालांकि मौजूदा तिमाही में इसमें सुधार देखा जा रहा है। भारत-श्रीलंका एकदिवसीय श्रृंखला के दौरान तो टाटा मोटर्स हमारा सह-प्रायोजक रहा। रिटेल और रियल एस्टेट पर भी मंदी का असर हुआ है, पर इससे इलेक्ट्रॉनिक की बजाय प्रिंट ज्यादा प्रभावित हुआ है।
खेल चैनलों को अभी भी वित्तीय क्षेत्र से कम विज्ञापन मिल रहे हैं। हालांकि, आर्थिक मंदी से पैदा हुए डर के चलते बीमा क्षेत्र के विज्ञापनों में जबरदस्त तेजी हुई है। पांच बड़ी बीमा कंपनियों आईडीबीआई फोर्टिस, कोटक लाइफ इंश्योरेंस, बिरला सन लाइफ और बजाज आलियांज हमारे ग्राहक हैं। लाइफस्टाइल उत्पादों का विज्ञापन भी खेल चैनलों पर खूब होता है।
उम्मीद है कि इस साल टेलीकॉम सेक्टर सबसे बड़ा विज्ञापनदाता बनकर उभरेगा। वोडाफोन और आइडिया इस सेगमेंट के बड़े खिलाड़ी बनकर उभरेगें। 6 नए जीएसएम कंपनियों के आने से इस क्षेत्र का राजस्व और बढ़ने की उम्मीद है। सर्वेक्षण के मुताबिक, अगले वित्त वर्ष में क्रिकेट चैनलों के विज्ञापन में 9 फीसदी की वृद्धि होगी।
विकास करने के लिए आपका चैनल क्या करने जा रहा है?
नियो क्रिकेट के पास भारत की छह अंतरराष्ट्रीय श्रृंखलाओं के प्रसारण अधिकार हैं। हम ‘डायल सी फॉर क्रिकेट’, ‘स्पोर्ट्स जोन’ और ‘बल्लेबाज’ जैस कार्यक्रम भी प्रसारित करता है। ये काफी सफल हो रहे हैं और इससे हमें अतिरिक्त राजस्व मिल रहा है। हमें उम्मीद है कि गांवों में नियो की सालाना विकास दर 35 फीसदी रहेगी।