अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में मैरिको के राजस्व की रफ्तार दो अंकों में रही है जबकि वॉल्यूम की रफ्तार स्थिर रहने की संभावना है, कंपनी ने नतीजे की घोषणा से पहले यह जानकारी दी। कंपनी ने कहा कि दैनिक उपभोग की वस्तुओं में धीमे उपभोग का रुख दिख रहा है, जिसका मुख्य कारण मुद्रास्फीति जारी रहने से संपूर्ण शुद्ध आय पर पड़ता असर और बढ़ता आवागमन है, जिससे गैर-जरूरी वस्तुओं, सेवाओं और घर से बाहर खाने की रुकी हुई मांग में कुछ हद तक वृद्धि हुई है।
भारत के अपने कारोबार में कंपनी ने समान रुझान देखा है। मैरिको ने अपनी ताजा रिपोर्ट में कहा कि अधिक आधार को देखते हुए कुछ हद तक ग्रामीण मांग भी सुस्त रही। हेयर ऑयल के संबंध में कंपनी ने मूल्य के लिहाज से नरम वृद्धि दर्ज की, लेकिन दो साल के सीएजीआर के आधार पर दो अंकों की मूल्य वृद्धि हासिल हुई है। मैरिको के सफोला उत्पादों की शृंखला में मूल्य के लिहाज से इजाफा हुआ है जिसकी अगुआई में खाद्य पदार्थों में 20 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई। इस साल इसका खाद्य कारोबार 500 करोड़ रुपये के राजस्व तक पहुंचने की राह पर है। हालांकि सफोला खाद्य तेल में मात्रात्मक गिरावट आई है।
प्रीमियम पर्सनल केयर श्रेणी में कंपनी ने व्यापक रूप से दोहरे अंकों की वृद्धि देखी और इसके डिजिटल फस्र्ट ब्रांड बियर्डो और जस्ट हब्र्स मैरिको की अपेक्षाओं के अनुरूप रहे। इसके प्रमुख कच्चे माल की लागत, जिसमें खोपरा भी शामिल है, तिमाही के अंत में बदलाव से पहले से पहले तक अधिकांश तिमाही के दौरान एक दायरे में रही थी। रिपोर्ट में कहा गया है कि खाद्य तेल की कीमतों में भी नरमी आने लगी है, जबकि कच्चे तेल के दामों में मजबूती बनी हुई है। मैरिको को उम्मीद है कि उसके सकल मार्जिन में क्रमबद्ध रूप से सुधार होगा, लेकिन सालाना आधार पर कम रहेगा।