एमआरएफ का शेयर पिछले तीन महीनों के दौरान 35 प्रतिशत चढ़ा है। इसकी वजह यह है कि कच्चे माल की कीमतों में गिरावट, रीप्लेसमेंट सेगमेंट में शानदार वृद्घि, और चीन से आयात पर प्रतिबंध से कंपनी को राजस्व और मार्जिन सुधारने में मदद मिली है।
शेयर के लिए ताजा तेजी कंपनी द्वारा सितंबर तिमाही में उम्मीद से बेहतर परिचालन प्रदर्शन किए जाने की वजह से आई है। कच्चे माल की लागत में 370 आधार अंक तक की गिरावट से बड़ी मदद मिली और कंपनी का मार्जिन 16 तिमाहियों के ऊंचे स्तर पर पहुंच गया। यह 20.4 प्रतिशत पर दर्ज किया गया जो सालाना आधार पर 670 आधार अंक तक की वृद्घि है।
भले ही कंपनी ने राजस्व के मोर्चे पर (6 प्रतिशत वृद्घि) अपने कई प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले कमजोर प्रदर्शन किया है, लेकिन उत्पादन संबंधित समस्याओं को देखते हुए विश्लेषकों का मानना है कि मांग/राजस्व रुझान मजबूत बने रहेंगे। आनंद राठी रिसर्च के विजय सारथी टीएस का मानना है कि रीप्लेसमेंट व्यवसाय वित्त वर्ष 2021 की दूसरी छमाही में भी अपनी वृद्घि की रफ्तार बरकरार रखेगा, क्योंकि उसे ट्रक और बस, यात्री कार, तथा दोपहिया के अपने पूरे सेगमेंट में वृद्घि से मदद मिलेगी।
उत्पादन संबंधित समस्याएं दूर होने और ट्रक एवं बस रेडियल टायर खंड में क्षमता विस्तार वित्त वर्ष 2021 के अंत तक मजबूत होगा और वृद्घि वित्त वर्ष 2022 में तेज रहने की संभावना है।
कई ब्रोकरों का मानना है कि कंपनी अगले साल 20 प्रतिशत की बिक्री वृद्घि दर्ज करेगी।
जहां कई सकारात्मक बदलाव आए हैं, जैसे घरेलू बिक्री में सुधार, कम आयात, और मजबूत मार्जिन परिदृश्य, वहीं बीओबीकैप्स रिसर्च के विश्लेषकों का मानना है कि इनका असर शेयर कीमत पर पहले ही दिख चुका है। बाजार के लिए मुख्य चिंता प्राकृतिक रबर कीमतों में आई 30 प्रतिशत की तेजी और कच्चे तेल की कीमतों में वृद्घि है, जिसका सिंथेटिक रबर और अन्य डेरिवेटिव्स की कीमतों पर दबाव पड़ सकता है। मुख्य कच्चे माल की कीमतों में तेजी (रबर का सबसे ज्यादा योगदान) का सकल मार्जिन पर 300-400 आधार अंक प्रभाव पड़ सकता है। इसके अलावा, एलारा कैपिटल के विश्लेषकों को यात्री कार रेडियल (पीसीआर) सेगमेंट में अच्छी प्रतिस्पर्धा और पारंपरिक रूप से कमजोर 16-17 इंच पीसीआर में एमआरएफ के सुधार की संभावना है।