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कुद्रेमुख को भी लग गया मंदी का झटका

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Last Updated- December 08, 2022 | 8:45 AM IST

इस्पात एवं खान मंत्रालय के तहत आने वाली कंपनी कुद्रेमुख आयरन ओर कंपनी लिमिटेड (केआईओसीएल) पर भी मंदी का साया पड़ गया है।


मंदी के कारण लोहे और इस्पात की घटती मांग को देखकर कंपनी कर्नाटक के मंगलूर में एक लाख टन क्षमता वाले प्रस्तावित संयंत्र के बारे में दोबारा विचार कर रही है।

इस संयंत्र को तकरीबन 225 करोड़ रुपये की लागत के साथ स्थापित किया जाना था। कंपनी के निदेशक मंडल ने लार्सन ऐंड टुब्रो की अगुआई वाले एक समूह समेत दो पक्षों को इसके लिए चुना था।

लकिन कंपनी के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक के रंगनाथ ने बताया, ‘देश में मंदी का माहौल चल रहा है, इसलिए हम भी  इस निवेश के बारे में दोबारा सोच रहे हैं। कंपनी के निदेशक मंडल के सामने मामला पहुंच गया है और जल्द ही इस बारे में फैसला ले लिया जाएगा कि इस परियोजना पर आगे बढ़ा जाए नहीं।’

केआईओसीएल लौह अयस्क की गोलियों का निर्यात करती है। वह डक्टाइल आयरन स्पन पाइप का संयंत्र लगाना चाहती थी।

इसमें उत्तम किस्म के पिग आयरन का इस्तेमाल होना था, जिसमें फॉस्फोरस और गंधक की मात्रा काफी कम होती है। इन पाइपों का इस्तेमाल विकसित देशों में ही किया जाता है।

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First Published - December 11, 2008 | 10:43 PM IST

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