दवा फर्म एमएसडी ने ओरल एंटीवायरल दवा मोलनुपिराविर के लिए स्वैच्छिक लाइसेंसिंग करार का फैसला लिया है, जिसका अध्ययन कोविड-19 के इलाज में करने के लिए हो रहा है। एमएसडी ने यह फैसला भारत की पांच कंपनियों सन फार्मा, सिप्ला, डॉ. रेड्डीज, एमक्योर फार्मा और हेटेरो लैब्स के साथ लाइसेंंसिंग करार के लिए लिया है। कंपनी की भारतीय इकाई ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
मोलनुपिराविर अभी जांच के चरण वाली ओरल एंटीवायरल एजेंट है, जिसका तीसरे चरण का ट्रायल चल रहा है और इसका ट्रायल कोविड-19 के वैसे मरीजों पर हो रहा है, जिसे कोविड की पुष्टि हो चुकी है लेकिन अस्पताल में भर्ती नहीं है। एमएसडी इंडिया ने एक बयान मेंं यह जानकारी दी।
एमएसडी इंडिया, मर्क शार्प ऐंड डोहमे (एमएसडी) की पूर्ण स्वामित्व वाली भारतीय सहायक है। यह कंपनी मर्क ऐंड कंपनी इंक के नाम से अमेरिका और कनाडा में मशहूर है।
एमएसडी ने मोलनुपिराविर के लिए पांच स्थापित भारतीय जेनेरिक विनिर्माताओं सिप्ला, डॉ. रेड्डीज लैब्स, एमक्योर फार्मास्युटिकल्स, हेटेरो लैब्स और सन फार्मा के साथ नॉन-एक्सक्लूसिव स्वैच्छिक लाइसेसिंग करार करने का फैसला लिया है।
इन पांचों विनिर्माताओं के पास विश्व स्वास्थ्य संगठन से मंजूर विनिर्माण संयंत्र है और उनके पास वैश्विक स्तर पर और कम व मझोली आय वाले देशों को आपूर्ति का अनुभव भी है। एमएसडी इंडिया ने यह जानकारी दी। इस करार से मोलनुपिराविर की भारत व अन्य कम व मध्यम आय वाले देशों में उपलब्धता बढ़ाने में मदद मिलेगी, जब स्थानीय नियामकीय एजेंसियों से मंजूरी हासिल हो जाएगी।
मर्क ऐंड कंपनी इंक के अमेरिकी चेयरमैन व सीईओ केनेथ सी फ्रेजर ने कहा, इन करारों से भारत व दुनिया के अन्य हिस्सों में मोलनुपिराविर तक पहुंच में तेजी आएगी। इस पर हम काम कर रहे हैं और हमारा अध्ययन जारी है।
हेटेरो ने कहा कि वह इस दवा का निर्माण हैदराबाद संयंत्र में करेगी। कंपनी के चेयरमैन बी पार्थ एस रेड्डी ने कहा, हेटेरो ने एमएसडी संग साझेदारी की है ताकि भारत के लोगों को मोलनुपिराविर इस अहम समय में उपलब्ध हो सके और वह महामारी से आसानी से मुकाबला कर सके। हमने इसके लिए तैयारी कर ली है और वाणिज्यिक तौर पर देश भर में इसकी आपूर्ति के लिए तैयार हैं।
उन्होंने कहा कि वह इस बारे में मंजूरी के लिए डीजीसीआई से तत्काल संपर्क करेंगे ताकि आपातकाल में इसके इस्तेमाल की मंजूरी मिल जाए।
करार के तहत मर्क ऐंड कंपनी इंक, अमेरिका इन विनिर्माताओं को भारत व 100 से ज्यादा कम व मझोली आय वाले देशों को मोलनुपिराविर की आपूर्ति के लिए लाइसेंस देगी। कंपनी इसके अलावा मेडिसिंस पेटेंट पूल के साथ भी चर्चा कर रही है ताकि अतिरिक्त लाइसेंस की संभावना तलाशी जा सके। एक बयान में यह जानकारी दी गई है।
एमएसडी इंडिया रीजन एमडी रेहान ए खान ने कहा, स्थापित भारतीय जेनेरिक विीनिर्माताओं संग साझेदारी से भारत में मोलनुपिराविर की उपलब्धता का विस्तार को लेकर हमारी प्रतिबद्धता का पता चलता है। मर्क ऐंड कंपनी इंक 50 लाख से ज्यादा कीमत का ऑक्सीजन उत्पादन वाले उपकरण, मास्क, हैंड सैनिटाइजर और वित्तीय मदद भी देगी ताकि भारत में राहत कार्यों को सहारा मिल सके। कंपनी ने एक बयान में ये बातें कही है।