जगुआर और लैंड रोवर (जेएलआर) और कर्मचारी यूनियनों के बीच समझौता हो जाने से निकट भविष्य में कंपनी के कर्मचारियों की नौकरियो पर बना खतरा समाप्त होने की उम्मीद है।
इस बीच बिक्री में आई गिरावट और कर्ज संकट का सामना कर रही जेएलआर ने ब्रिटिश सरकार से कर्ज की सतत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए मदद मांगी है।
समझौते पर सहमति कल बनी। इसके तहत कासल ब्रोमविच सोलीहल और हेलवुड स्थित जेएलआर संयंत्रों में 800 से ज्यादा अस्थाई और 300 स्थाई कर्मचारियों की नौकरी सुरक्षित हो जाएगी।
इस समझौते को अगले तीन सप्ताह में करीब 12 हजार कर्मचारियों के पास स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा। जेएलआर ने बताया कि कंपनी और ट्रेड यूनियन के बीच कई दौर की बातचीत के बाद दोनों पक्षों के बीच कई तथ्यों पर सहमति बनी।
कर्मचारी यूनियन के मुताबिक, बिक्री में कमी और तरलता संकट को देखते हुए खर्चों में तत्काल कमी की जरूरत है।
यूनाइट यूनियन नैशनल कार इंडस्ट्री के सचिव डेव ऑसबोर्न ने बताया, ”खर्चों में कटौती और आवश्यक छंटनी रोकने के लिए हमलोगों के बीच एक अस्थायी समझौता हो चुका है। हमें उम्मीद है कि यूनियन के सदस्य इस समझौते को मंजूर कर लेंगे क्योंकि यह समझौता अस्थाई है। समझौता दो साल के लिए है और तब तक मंदी खत्म होने की उम्मीद है। ऐसे में कंपनी की स्थिति मजबूत हो जाएगी।”
ऑसबोर्न ने बताया कि यह बहुत मुश्किल बातचीत रही। अपने साथियों की नौकरियां बचाना हमारी पहली प्राथमिकता रही। पूरी बातचीत में यह बात हमारे दिमाग में घुमड़ते रही। उनके मुताबिक, मंदी ऐसी समस्या है जिसमें कर्मचारियों को कोई दोष नहीं है।
पहले ये कर्मचारी कंपनी के लिए मूल्यवान संपदा साबित हो चुके हैं और उम्मीद है कि आगे भी ऐसा होगा। ऑसबोर्न के अनुसार, यूनियन इस समझौते को लेकर काफी खुश है।