वित्तीय संकट से जूझ रहा टाटा समूह को उस समय थोड़ी राहत मिली, जब यूरोपीयन इन्वेस्टमेंट बैंक ने जगुआर-लैंडरोवर के लिए 340 पाउंड (करीब 2,500 करोड़ रुपये) के कर्ज को मंजूरी दे दी।
जेएलआर के एक प्रवक्ता ने बताया कि लोन की इस रकम से कंपनी को बहुत मदद मिलेगी। उल्लेखनीय है कि ईआईबी बोर्ड ने कार कंपनियों के लिए करीब 86.6 करोड़ यूरो के कर्ज को मंजूरी दी है। इन कंपनियों में जेएलआर, निसान और फोक्सवैगन शामिल हैं।
जेएलआर के प्रवक्ता ने बताया कि ईआईबी की ओर से यह लोन ब्रिटिश सरकार की गारंटी के बाद दी गई है। जेएलआर के लिए यह कर्ज ऐसे समय में मिली है, जब कंपनी भीषण वित्तीय संकट से जूझ रही है। कंपनी को शोध, विकास और अन्य कामकाज चलाने के लिए भी धन की किल्लत हो रही है।
उल्लेखनीय है कि जुगआर और लैंडरोवर को फोर्ड ने 2008 में टाटा समूह को बेच दिया था। फोर्ड को भी जेएलआर के लिए पैसा जुटाने में काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था। टाटा समूह के चेयरमैन रतन टाटा ने पिछले माह कहा था कि अगर ब्रिटिश बैंक से कर्ज मिलने में दिक्कत आती है, तो कंपनी को चलाना बहुत मुश्किल होगा।