चिप की कमी से अटका जियो का स्मार्टफोन

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 12, 2022 | 1:10 AM IST

रिलायंस जियो का किफायती स्मार्टफोन आज आने वाला था, लेकिन दुनिया भर में सेमीकंडक्टर की किल्लत के कारण इसे टालना पड़ा। कंपनी के मुताबिक यह फोन दीवाली से पहले पूरे बाजार में मिलने लगेगा। जियो और उसकी सहयोगी गूगल ने घोषणा की कि दोनों कंपनियों ने सीमित उपयोगकर्ताओं के साथ जियोफोन नेक्स्ट का परीक्षण शुरू कर दिया है। कंपनी ने कहा कि त्योहारों के दौरान इसे व्यापक तौर पर उपलब्ध कराने की दिशा में सक्रियता से काम चल रहा है। दोनों कंपनियों ने संयुक्त बयान में कहा, ‘इस अतिरिक्त समय से वैश्विक स्तर पर सेमीकंडक्टर की कमी को भी कुछ हद तक दूर करने में मदद मिलेगी।’
रिलायंस इंडस्ट्रीज की जून में आयोजित सालाना आम बैठक में कंपनी के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने घोषणा की थी कि जियोफोन नेक्स्ट गणेश चतुर्थी (10 सितंबर) पर आ जाएगा। 4जी तकनीक वाले इस स्मार्टफोन की कीमत 5,000 रुपये से कम होगी और यह जियो की रणनीति के लिए अहम साबित होगा क्योंकि कंपनी ने 2जी इस्तेमाल करने वाले 30 करोड़ ग्राहकों को अपने साथ जोडऩे का लक्ष्य रखा है। जियो ने यह हैंडसेट बनाने के लिए बेंगलूरु की कंपनी यूटीएल नियोलायन्स के साथ गठजोड़ किया है।

मगर कोरोना महामारी के कारण सेमीकंडक्टर चिप विनिर्माताओं का कारोबार झटके खा रहा है और जियो पर भी इसका असर पड़ा है। काउंटरपॉइंट रिसर्च के तरुण पाठक ने कहा, ‘पुर्जों की किल्लत का असर देखें तो सबसे ज्यादा प्रभाव प्रवेश स्तर की कीमतों पर पड़ा है। कुछ पुर्जों के दाम करीब 20 फीसदी तक बढ़ गए है, साथ ही कुछ पुर्जों के उत्पादन का समय भी पहले के 8 हफ्ते से बढ़कर करीब 16 से 20 हफ्ते बढ़ गया है। जियो के लिए अब सबकुछ आपूर्ति के प्रबंधन पर निर्भर करेगा।’  
उन्होंने कहा कि इसका मतलब यह है कि जियो को जियोफोन नेक्स्ट की योजना में चुनौती का सामना करना पड़ेगा और उसे कई एसकेयू (स्टॉक रखने वाली इकाई) की रणनीति अपनानी पड़ेगी। जियो फोन की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए भी कंपनी ने इसी तरह की रणनीति अपनाई थी क्योंकि चिप की कमी अगले 6 महीने तक बनी रह सकती है।

मार्केट रिसर्च फर्म सीएमआर के उद्योग इंटेलिजेंस प्रमुख प्रभु राम ने कहा, ‘अग्रणी वैश्विक स्मार्टफोन ब्रांडों के पास पुर्जों का भंडार है, लेकिन चिप की कमी के कारण समूचा स्मार्टफोन बाजार प्रभावित हो रहा है। इससे पुर्जों की कीमतों में भी इजाफा हुआ है और हैंडसेट भी महंगा हुए हैं। स्मार्टफोन ब्रांड चिप की कमी के असर को कम करने के लिए दाम बढ़ाने के साथ ही सीमित इलाकों में हैंडसेट उतारने जैसी विभिन्न रणनीतियां अपना रहे हैं।’ 
उन्होंने कहा, ‘जियोफोन नेक्स्ट की जियो के फीचर फोन वाले ग्राहकों को स्मार्टफोन ग्राहकों में तब्दील करने में अहम भूमिका होगी। ऐसे में इसे कुछ समय तक टालना और चिप की आपूर्ति बढ़ाने पर ध्यान देना उचित कदम होगा।’ अंतरराष्टï्रीय ब्रोकरेज फर्म जेफरीज का अनुमान है कि जियोफोन नेक्स्ट के लिए 54 करोड़ ग्राहकों का बाजार होगा और इससे वित्त वर्ष 2023 तक जियो की आय में 10 फीसदी तक का इजाफा हो सकता है। जियो और गूगल ने कहा कि बहुप्रतीक्षित जियोफोन नेक्स्ट को लाने की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति हुई है।

First Published : September 11, 2021 | 12:19 AM IST