कुवैत की मोबाइल दूरसंचार कंपनी जैन जो पश्चिम एशिया और अफ्रीका की तीसरी सबसे बड़ी दूरसंचार ऑपरेटर है वह भारत की दूरसंचार सेवा प्रदाता कंपनियों में हिस्सेदारी खरीदने के लिए ताक लगाए हुए है।
इसके लिए कंपनी कई भारतीय कंपनियों से बातचीत की शुरुआत कर चुकी है। निवेश के जरिये कंपनी चीन के बाद दुनिया के दूसरे सबसे बड़े दूरसंचार बाजार भारत में उतरने की कोशिश कर रही है। गौरतलब है कि हाल ही में दूरसंचार लाइसेंस हासिल कर चुकीं, वीडियोकॉन की सहायक डाटाकॉम सॉल्युशंस, स्वान टेलीकॉम, यूनिटेक लिमिटेड और एस्सार समूह की लूप टेलीकॉम निवेश या तकनीकी सहायता की तलाश कर में हैं।
जहां डाटाकॉम सॉल्युशंस पहले ही वैश्विक कंपनियों जैसे एटीऐंटी और एटीस्लॉट से बातचीत कर रही है, स्वैन टेलीकॉम और यूनिटेक 26 प्रतिशत इक्विटी घटाने पर विचार कर रहीं थीं। जब जैन समूह के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी इब्राहिम आदिल ने बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया, ‘जैन दूरसंचार कंपनियों के लिए सही कीमत वाले अधिग्रहण और विलय की संभावनाओं का आकलन कर रही है ताकि हम 2011 में वैश्विक मोबाइल ऑपरेटरों की प्रमुख 10 कंपनियों में शामिल होने के अपने लक्ष्य को हासिल कर सके।’
उनका कहना है, ‘हमारी दिलचस्पी मौजूदा परिचालन कार्यों में रणनीतिक निवेश से लेकर उत्पादों और सेवाओं मुहैया कराने के लिए रणनीतिक गठजोड़ करने की तक में है। 110 करोड़ से अधिक जनसंख्या और 30 प्रतिशत से भी कम निवेश के साथ भारतीय बाजार उभरते हुए बाजार ऑपरेटरों के लिए अच्छा मौका हो सकता है।