अपने कारोबार के विकास के लिए डिजिटल प्रौद्योगिकी को अपनाने वाली विविध क्षेत्रों में काम कर रही आईटीसी डिजिटल परिवर्तन के अगले चरण की ओर बढ़ रही है। इस कवायद के केंद्र में दो कार्यक्रम हैं – यंग डिजिटल इनोवेटर्स लैब, जो आईटीसी के कारोबार से डिजिटल रणनीति तैयार करेगी तथा आईटीसी के वरिष्ट प्रबंधकों की एक समर्पित डिजिटल काउंसिल। इस डिजिनेक्स्ट का गठन चेयरमैन संजीव पुरी द्वारा किया गया है।
कंपनी का कहना है कि आज तीव्र गति वाला डिजिटल परिवर्तन आईटीसी की भविष्य के लिए तैयार रणनीति से जुड़ा हुआ है। कंपनी के अनुसार कोरोबारी दक्षता, उपभोक्ताओं को जोडऩे और लॉजिस्टिक्स में प्रतिस्पद्र्धी लाभ बढ़ाने के लिए डिजिटल नवोन्मेष का तेजी से इस्तेमाल किया जा रहा है। इंडस्टं्री 4.0, स्मार्ट रोबोटिक्स, कृत्रिम बुद्धि, बिग डेटा, औद्योगिक इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) और मशीन लर्निंग जैसी नई तकनीकों को सभी कारोबारों द्वारा स्थापित किया जा रहा है जिसमें परिचालनात्मक प्रभावशीलता बढ़ाने के लिए आईटीसी की आपूर्ति शृंखला और वितरण पारिस्थितिकी तंत्र भी शामिल हैं।
परिवर्तन का अगला चरण अब दो चरण वाली प्रक्रिया के माध्यम से हासिल किया जाएगा।