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भारत में ट्विटर की बढ़ी मुश्किल

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Last Updated- December 12, 2022 | 8:31 AM IST

सरकार चाहती है कि ट्विटर उसके कानूनी नोटिस का पालन करते हुए वे सभी अकाउंट बंद कर दे, जिनसे किसान आंदोलन से संबंधित भड़काऊ हैशटैग वाले ट्वीट किए गए हैं। एक वरिष्ठ सरकारी ने इसकी जानकारी दी।
ट्विटर ने किसान आंदोलन के बारे में भड़काऊ सामग्री पर रोक लगाने के निर्देश का पालन नहीं किया, जिसके कारण उस पर सरकार की भौंहें तनी हैं। सरकार ने इस माइक्रोब्लॉगिंग साइट से मोदीप्लानिंगफार्मरजीनोसाइड हैशटैग वाले सभी ट्वीट हटाने के लिए कहा था क्योंकि ‘जीनोसाइड’ यानी ‘नरसंहार’ शब्द के कारण इन ट्वीट से कानून-व्यवस्था बिगड़ सकती है।
लेकिन ट्विटर ने आज एक ब्लॉग में लिखा कि वह मंत्रालय से मिले नोटिस पर सरकार से बात कर रही है और कानूनी विकल्प भी तलाश रही है। मंत्रालय ने पिछले 10 दिन में सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 69ए के तहत ट्विटर को कई अकाउंट बंद करने का निर्देश दिया है। इनमें से दो आदेश खातों पर फौरन रोक लगाने के थे, जिन्हें ट्विटर ने मान भी लिया था मगर कुछ समय बाद उन अकाउंट की सामग्री उपलब्ध करा दी। ट्विटर सेफ्टी ने ब्लॉग में बताया कि जब इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय को इसकी सूचना दी गई तो उसने निर्देश नहीं मानने का नोटिस उसे भेज दिया।
ब्लॉग में आगे कहा गया है, ‘चूंकि हमें नहीं लगता कि हमें जो कदम उठाने के निर्देश मिले थे, वे कदम भारतीय कानून के अनुसार सही हैं और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की रक्षा करना हमारा सिद्घांत है, इसीलिए हमने समाचार मीडिया संस्थाओं, पत्रकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और राजनेताओं समेत उन अकाउंट के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की।’ मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा, ‘हम अभिव्यक्ति की आजादी का बहुत सम्मान करते हैं और इसमें मदद करने वाले माध्यमों तथा तकनीक से हमें लगाव है मगर किसी वाणिज्यिक कंपनी के बनाए नियमों के नाम पर भारत में लोकतांत्रिक मूल्यों का अपमान तथा कानून का उल्लंघन बरदाश्त नहीं किया जा सकता।’ अधिकारी ने कहा कि किसी निजी संस्था के नियम देश के कानून से बढ़कर नहीं हो सकते। उन्होंने बताया कि सामग्री हटाने के ऐसे ही नोटिसों का फेसबुक और यूट्यूब जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉमों ने पालन किया।
ट्विटर ने सफाई दी कि उसने ऐसे कदम उठाए हैं, जिनसे नुकसानदेह सामग्री वाले हैशटैग दिखने कम हो जाएं। इसके लिए उन्हें ट्विटर पर ट्रेंड होने से रोका गया है और ‘रिकमेंडेड सर्च’ की श्रेणी से भी हटा दिया गया है। ब्लॉग में कहा गया, ‘हमने मंत्रालय के आदेशों में दिए गए खातों में से 500 से अधिक अकाउंट पर कार्रवाई की है और कुछ को हमेशा के लिए हटा दिया है क्योंकि वे ट्विटर के नियमों का स्पष्ट उल्लंघन कर रहे थे।’
ट्विटर ने अमेरिका के पूर्व (उस समय निवर्तमान) राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप का खाता हमेशा के लिए बंद कर दिया क्योंकि आरोप थे कि उनके ट्वीट के कारण कैपिटल बिल्डिंग में दंगाई घुस गए थे। भारत में भी 26 जनवरी को सिख किसानों के आंदोलन में शामिल एक वर्ग लाल किले पर पहुंच गया था और वहां सिख धार्मिक झंडा फहरा दिया था। अधिकारी ने ट्विटर की नीति की ओर इशारा करते हुए कहा, ‘वहां भी स्थिति कैपिटल हिल जैसी (दंगों जैसी) ही थी। कैपिटल हिल पर आपका रुख कुछ और होगा और लाल किले पर कुछ और होगा?’

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First Published - February 10, 2021 | 11:29 PM IST

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