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5जी पर ट्राई से सुझाव लेगा दूरसंचार विभाग

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Last Updated- December 12, 2022 | 3:31 AM IST

दूरसंचार विभाग (डीओटी) शीघ्र ही 5जी स्पेक्ट्रम की नीलामी के लिए भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) से सुझाव लेगा। विभाग मिलीमीटर तरंगों या 2,600-2,800 मेगाहट्र्ज बैंड की कीमत अनुसंधान पर भी विचार देने के लिए कहेगा। ये तरंगें हाई फ्रिक्वेंसी के लिए अधिक अनुकूल हैं। 5जी नीलामी में एमएम तरंगों के साथ साथ 3,300 मेगाहट्र्ज से 3,600 मेगाहट्र्ज के बैंड शामिल होंगे। 5जी स्पेक्ट्रम के लिए आधार मूल्य करीब 3.63 लाख करोड़ रुपये है।    
पिछली नीलामियों में अनबिके स्पेक्ट्रम की आधार कीमत को घटाने के बारे में पूछे जाने पर विभाग ने कहा कि डीओटी के अधिकारियों ने आश्वस्त किया कि सरकार किसी प्रकार की कीमत कटौती की मांग नहीं करेगी और इसका निर्णय विनियामक को लेना है।
एक अधिकारी ने कहा, ‘हम शीघ्र ही ट्राई को अपना प्रस्ताव भेज देंगे, हमारी तैयारी पूरी हो चुकी है।’ हाल के दौर की नीलामी में देखा गया था कि रिलायंस जियो ने पेशकश किए गए स्पेक्ट्रम में से 50 फीसदी से अधिक को लपक लिया था। यह नीलामी दशक में सबसे छोटी नीलामी थी। कंपनी ने 57,122.65 करोड़ रुपये का भुगतान किया था जिसकी 60 फीसदी रकम 800 मेगाहट्र्ज बैंड को खरीदने पर खर्च हुई थी।
नीलामी में सरकार की ओर पेश किए गए समूचे स्पेक्ट्रम की बिक्री आधार कीमत पर हो गई थी।
भारती एयरटेल ने 18,698.75 करोड़ रुपये का स्पेक्ट्रम खरीदा था और इसकी खरीद का बड़ा हिस्सा 2,300 मेगाहट्र्ज बैंड में था। नीलामी में वोडफोन आइडिया ने 574 करोड़ रुपये खर्च किया था।  
2,308 मेगाहट्र्ज के कुल उपलब्ध स्पेक्ट्रम में से 855.60 मेगाहट्र्ज की बिक्री नीलामियों में की गई थी। मात्रा की दृष्टि से कुल 37 फीसदी और मूल्य के लिहाज से 19 फीसदी स्पेक्ट्रम की बिक्री हुई थी। पेशकश पर 800 मेगाहट्र्ज स्पेक्ट्रम के करीब 65 फीसदी और 2,300 मेगाहट्र्ज बैंड में पेश की गई वायु तरंगों में से 89 फीसदी की बिक्री की गई थी।
दोनों प्रीमियम स्पेक्ट्रम 2,500 मेगाहट्र्ज और 700 मेगाहट्र्ज अनबिके रह गए थे। उद्योग ने कुछ निश्चित बैंडों में ट्राई की ओर से अनुशंसित उच्च आरक्षित मूल्य का विरोध किया था।

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First Published - June 20, 2021 | 11:20 PM IST

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