facebookmetapixel
Advertisement
भारत-जापान का रक्षा सहयोग बढ़ेगा, समुद्री सुरक्षा से लेकर जहाजों के विकास तक साथमुफ्त कोचिंग से छोटे शहरों के छात्रों को फायदा, सरकारी नौकरियों में बढ़ सकती है प्रतिस्पर्धाउदारीकरण के 35 साल: आईटी से लेकर खुदरा क्षेत्र में कोलकाता की बदली तस्वीर, मगर आ​र्थिक चुनौतियां बनी रहींAI ने छोटे कारोबारों के लिए विज्ञापन आसान बनाया, 75% ने ग्रोथ में मदद मानीब्रिक्स सम्मेलन से पहले भारत-बांग्लादेश संबंधों पर संशय, पीएम रहमान के दौरे की संभावना कमझारखंड में सरकारी नियुक्तियां रद्द करने पर रोक, 15 सितंबर तक सरकार से जवाबसेंसेक्स में हेरफेर का खेल: कॉपटॉल और मानसी ने कैसे रचा पूरा जाल?रुपये में निर्यात भुगतान पर अब मिलेंगे FTP के प्रोत्साहन, सरकार ने बदले नियमसुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, नई औद्योगिक संबंध संहिता में ‘उद्योग’ की अलग व्याख्यामेटा के AI कंटेंट मॉडरेशन पर सरकार की चिंता, पोस्ट हटाने से पहले मानव समीक्षा पर जोर

जोखिम से बचने पर हो बीमा कंपनियों का ध्यान : खुंटिया

Advertisement
Last Updated- December 12, 2022 | 4:57 AM IST

बीमा कंपनियों को न सिर्फ जोखिम पर ध्यान देने, बल्कि जोखिमों को रोकने पर भी ध्यान केंद्रित करने की जरूरत है। पिछले सप्ताह भारतीय बीमा नियामक एवं विकास प्राधिकरण (आईआरडीएआई) के चेयरमैन पद से सेवानिवृत्त हुए सुभाष चंद्र खुंटिया ने कहा कि इससे बीमा कराने वालों के दावों का समाधान का लाभ मिल सकेगा और उन्हें नुकसान से बचाया जा सकेगा।
आईआरडीएआई के चेयरमैन पद पर खुंटिया का कार्यकाल 6 मई 2021 को पूरा हो गया। वह इस पद पर मई  2019 से मई, 2021 तक 3 साल रहे। आईआरडीएआई ने खुंटिया के उत्तराधिकारी की तलाश शुरू कर दी है और चेयरमैन पद के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। नियामक की ओर सेजारी अधिसूचना के मुताबिक इस पद के लिए आवेदन करने वाले को जीवन बीमा, सामान्य बीमा, एक्चुरियल साइंस, वित्त, अर्थशास्त्र, कानून, एकाउंटेंसी और प्रशासन के क्षेत्र में ज्ञान और अनुभव होना चाहिए। इस पद पर नियुक्त व्यक्ति को मकान व कार की सुविधा के बगैर हर महीने 4.5 लाख रुपये मिलेंगे।
खुंटिया ने कहा, ‘इससे बीमाकर्ताओं और पॉलिसीधारकों के बीच भरोसा बढ़ेगा और दोनों को लंबे समय तक लाभ मिल सकेगा।’ बीमा कंपनियों को लिखे गए अपने आखिरी पत्र में खुंटिया ने कहा कि कोरोनावायरस महामारी के कारण अर्थव्यवस्था की चुनौतियों के बावजूद 2020-21 में बीमा उद्योग ने 9.2 प्रतिशत और जीवन बीमा उद्योग ने 11.2 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि दर्ज की है।

Advertisement
First Published - May 10, 2021 | 11:28 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement