मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर इंडिगो काउंटर पर फंसे यात्री, जहां शुक्रवार, 5 दिसंबर 2025 को कई उड़ानें रद्द कर दी गईं | फोटो: PTI
भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन कंपनी इंडिगो ने दिल्ली से अपनी सारी घरेलू उड़ानें शुक्रवार मध्यरात्रि तक रोक दी हैं। इस खबर से बड़े रूटों पर टिकट के दाम एकदम से उछल गए, और कुछ तो 1 लाख रुपये के पार पहुंच गए। दिल्ली एयरपोर्ट ने अपने आधिकारिक X हैंडल से इंडिगो की घरेलू उड़ानों को रोकने की पुष्टि की। इस हंगामे के बीच मार्केट ने तुरंत रिएक्ट किया।
शुक्रवार रात दिल्ली से बेंगलुरु का एयर इंडिया का एक स्टॉप वाला टिकट 1.02 लाख रुपये का दिख रहा है। उसी रूट पर अकासा एयर ने करीब 39,000 रुपये का भाव लगाया। दिल्ली-मुंबई के लिए एयर इंडिया के टिकट 60,000 रुपये में बिक रहे थे, वहीं चेन्नई-दिल्ली का एयर इंडिया एक्सप्रेस 41,000 रुपये और स्पाइसजेट 69,000 रुपये मांग रहा था।
हैदराबाद के रूट भी नहीं बचे। हैदराबाद-दिल्ली का एक स्टॉप वाला एयर इंडिया का टिकट 87,000 रुपये का था। एयर इंडिया का हैदराबाद-मुंबई का किराया 76,500 रुपये तक पहुंच गया, जबकि एयर इंडिया एक्सप्रेस ने 38,300 रुपये रखा। हैदराबाद-बेंगलुरु के लिए एयर इंडिया 41,400 रुपये और एयर इंडिया एक्सप्रेस 36,100 रुपये ले रहा था।
यह अफरा-तफरी सिर्फ दिल्ली तक नहीं रही। राजधानी में इंडिगो की 220 से ज्यादा उड़ानें रद्द हुईं, बेंगलुरु में 100 से ऊपर और हैदराबाद में लगभग 90 उड़ानें कैंसिल करनी पड़ीं।
देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो पिछले कई दिनों से सैकड़ों उड़ानें रद्द कर रही है क्योंकि पायलटों के नए ड्यूटी नियमों ने पूरा शेड्यूल गड़बड़ा दिया है। कंपनी ने यात्रियों से माफी मांगी, लेकिन इतनी बड़ी दिक्कत के लिए कोई बैकअप प्लान न होने से पूरे सेक्टर में सवाल उठ रहे हैं।
सिविल एविएशन महकमे (DGCA) ने फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) के नए नियम पिछले साल जनवरी में जारी किए थे, जिन्हें जून 2024 से लागू करना था। एयरलाइंस ने और वक्त मांगा तो रेगुलेटर ने सहमति जताई और इसे दो चरणों में लागू करने का फैसला किया। इसका एक हिस्सा जुलाई में लागू किया गया था और बाकी नवंबर 2025 में। मतलब एयरलाइंस को तैयारी के लिए एक साल से ज्यादा का समय मिला था।
ये नए नियम दुनिया भर की सेफ्टी गाइडलाइंस से मिलते हैं, जो इंटरनेशनल सिविल एविएशन ऑर्गेनाइजेशन (ICAO) ने दी हैं। दुनिया भर में जानलेवा हादसों में करीब 20% हादसे पायलट की थकान की वजह से होते हैं। नए नियमों में पायलटों को ज्यादा लंबी आराम की छुट्टी, लगातार रात की ड्यूटी पर रोक और रात का समय अब आधी रात से सुबह 6 बजे तक माना जाएगा (पहले 5 बजे तक था)।
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अब पायलटों को हफ्ते में लगातार 48 घंटे की छुट्टी मिलेगी। वे एक साथ दो से ज्यादा रात में लैंडिंग नहीं कर सकते और फ्लाइट टाइम से सिर्फ एक घंटे ज्यादा ग्राउंड ड्यूटी कर सकते हैं। बहुत लंबी उड़ानों के पायलटों को अतिरिक्त 24 घंटे की छुट्टी देनी होगी। इन नियमों से स्टाफ प्लानिंग बहुत अहम हो गई है। एक ही शेड्यूल चलाने के लिए एयरलाइंस को पहले से कहीं ज्यादा क्रू चाहिए।
ये दिक्कत इसलिए और भयानक हो गई क्योंकि सभी एयरलाइंस तेजी से जहाज बढ़ा रही हैं। इंडिगो के पास 1,000 से ज्यादा जहाजों का ऑर्डर है, एयर इंडिया ने करीब 500 का। छोटी कंपनियां भी पीछे नहीं हैं। आने वाले कुछ सालों में भारत को करीब 20,000 ट्रेंड पायलट चाहिए।
लेकिन पायलट यूनियनों का कहना है कि भर्ती ठप पड़ी है। फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलेट्स ने इंडिगो पर भर्ती रोकने का आरोप लगाया है और DGCA से अपील की है कि जब तक एयरलाइंस यह साबित नहीं कर देतीं कि नए नियमों के तहत सुरक्षित उड़ान भरने लायक क्रू हैं, तब तक मौसमी शेड्यूल को मंजूरी न दी जाए।