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6 महीने में पेट्रोल-डीजल और इलेक्ट्रिक कार की कीमत होगी बराबर? बीएस मंथन में नितिन गडकरी ने जताई उम्मीद

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गडकरी ने 2047 तक विकसित भारत के लिए तेज सड़कें, बिना टोल लाइन, सस्ती इलेक्ट्रिक गाड़ियां और 1 डॉलर किलो हाइड्रोजन का रखा लक्ष्य

Last Updated- February 24, 2026 | 5:17 PM IST
Nitin Gadkari
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी बिज़नेस स्टैंडर्ड मंथन 2026 में अपनी बात रखते हुए

नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित बिज़नेस स्टैंडर्ड के कार्यक्रम ‘बीएस मंथन’ में सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि अगर भारत को 2047 तक मजबूत और विकसित देश बनाना है, तो हमें तेज सड़कें, सस्ती इलेक्ट्रिक गाड़ियां, सस्ता हाइड्रोजन, बिना टोल लाइन और सुरक्षित सड़कें बनानी होंगी। उन्होंने कहा कि नई तकनीक, तेज काम और बड़े पैमाने पर विकास ही देश की तरक्की की कुंजी है।

सड़क निर्माण में एआई का बढ़ता इस्तेमाल

गडकरी ने बताया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का इस्तेमाल अब सड़क बनाने और उनकी निगरानी में हो रहा है। एआई और सैटेलाइट तस्वीरों की मदद से सड़क परियोजनाओं की रिपोर्ट तैयार की जा रही है। इससे अतिक्रमण और भूस्खलन वाले इलाकों की पहले ही पहचान हो जाती है। उन्होंने कहा, “तकनीक से सड़क सुरक्षा बेहतर होगी, दुर्घटनाएं कम होंगी और काम की रफ्तार बढ़ेगी।”

टोल प्लाज़ा पर लगने वाली लंबी लाइनों को खत्म करने के लिए भी एआई का उपयोग किया जा रहा है। गडकरी ने कहा कि इस साल के अंत तक देश में कहीं भी टोल पर लाइन नहीं होगी। 3,000 रुपये का सालाना पास 200 टोल पार करने की सुविधा देगा।

Also read: BS Manthan में बोले नितिन गडकरी: ऑटोमोबाइल सेक्टर भारत का ग्रोथ इंजन, सड़क सुरक्षा पर जोर

क्वालिटी पर जोर, समझौता नहीं

गडकरी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य सिर्फ ज्यादा किलोमीटर सड़क बनाना नहीं है, बल्कि अच्छी गुणवत्ता वाली सड़क बनाना है। उन्होंने कहा कि अब ठेका देने से पहले जमीन अधिग्रहण और पर्यावरण मंजूरी पूरी कर ली जाती है, ताकि काम में देरी न हो। पुणे में 50,000 करोड़ रुपये की बहु-स्तरीय फ्लाईओवर परियोजना और नागपुर में एक ही खंभे पर सड़क और मेट्रो का निर्माण इसके उदाहरण हैं।

इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती मांग

गडकरी ने कहा कि देश में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री 30 से 40 प्रतिशत तक बढ़ी है। कुछ मॉडलों के लिए वेटिंग चल रही है। बैटरी की कीमत पहले 150 डॉलर प्रति किलोवाट घंटा थी, जो अब घटकर 55 डॉलर रह गई है। उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि अगले छह महीनों में पेट्रोल, डीजल और इलेक्ट्रिक गाड़ियों की कीमत लगभग बराबर हो जाएगी।”

उन्होंने बताया कि पेट्रोल या डीजल कार चलाने का मासिक खर्च 25,000 से 30,000 रुपये तक आता है, जबकि इलेक्ट्रिक कार का खर्च 3,000 से 4,000 रुपये होता है। भारत का ऑटो उद्योग अब दुनिया में तीसरे स्थान पर है। गडकरी ने कहा कि पांच साल में भारत को पहले स्थान पर लाने का लक्ष्य है। इस क्षेत्र ने 4.5 करोड़ लोगों को रोजगार दिया है।

सस्ता हाइड्रोजन बनाने का लक्ष्य

गडकरी ने कहा कि उनका सपना है कि हाइड्रोजन की कीमत 1 डॉलर प्रति किलो तक लाई जाए। 10 राष्ट्रीय राजमार्गों पर हाइड्रोजन से जुड़े पायलट प्रोजेक्ट चल रहे हैं। हाइड्रोजन बस और ट्रक का परीक्षण भी किया जा रहा है। उन्होंने कहा, “हाइड्रोजन भविष्य का ईंधन है। भारत ऊर्जा के क्षेत्र में मजबूत देश बनेगा।”

सड़क दुर्घटनाएं बड़ी चुनौती

गडकरी ने माना कि सड़क दुर्घटनाएं अभी भी बड़ी समस्या हैं। हर साल देश में लगभग 5 लाख दुर्घटनाएं होती हैं और 1.8 लाख लोगों की मौत हो जाती है। इनमें ज्यादातर लोग 18 से 45 साल के होते हैं। हेलमेट न पहनने से 54,000 से ज्यादा मौतें होती हैं, जबकि तेज रफ्तार 1.2 लाख मौतों का कारण बनती है। सरकार ने छह एयरबैग अनिवार्य किए हैं, 2,000 ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल खोले जा रहे हैं और दुर्घटना संभावित जगहों को सुधारने पर हर साल 40,000 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।

प्रधानमंत्री राहत सड़क दुर्घटना योजना के तहत घायल व्यक्ति को 1.5 लाख रुपये तक का इलाज मुफ्त मिलता है और मदद करने वाले व्यक्ति को 25,000 रुपये का इनाम दिया जाता है। गडकरी ने कहा कि सड़क सुरक्षा के लिए लोगों को भी जिम्मेदारी निभानी होगी।

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First Published - February 24, 2026 | 5:13 PM IST

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