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चार श्रम संहिताओं को लागू करने की तैयारी तेज, राज्यों को मिला बड़ा निर्देश

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केंद्र सरकार श्रम संहिताओं के क्रियान्वयन के लिए राज्यों के पोर्टलों को श्रम सुविधा और समाधान पोर्टल से जोड़ने की तैयारी कर रही है

Last Updated- June 18, 2026 | 8:59 AM IST
New Labour Codes

श्रम और रोजगार मंत्रालय ने राज्यों से अपने-अपने पोर्टल केंद्र के श्रम सुविधा और समाधान पोर्टलों के साथ जोड़ने को कहा है। यह 4 श्रम संहिताओं को लागू करने की दिशा में महत्त्वपूर्ण कदम है। इस मामले से जुड़े लोगों ने यह जानकारी दी।

इस कदम का मकसद पूरे देश में श्रम प्रशासन के लिए एक एकीकृत डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र बनाना है, जिससे अनुपालन, पंजीकरण, निरीक्षण, शिकायत निवारण और विवाद समाधान पर केंद्र और राज्यों के बीच सूचनाओं का निर्बाध आदान-प्रदान हो सके।

जिन राज्यों के पास पहले से ही अपने श्रम पोर्टल हैं, उनसे अपने एप्लिकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफेस (एपीआई) को केंद्रीय प्लेटफार्मों के साथ जोड़ने क लिए कहा गया है। उधर जिन राज्यों के समर्पित डिजिटल प्लेटफॉर्म नहीं हैं, उन्हें केंद्र ने आवश्यक बुनियादी ढांचे के निर्माण और प्रस्तावित ढांचे के साथ इसे जोड़ने में मदद करने के लिए तकनीकी सहायता की पेशकश की है।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘हम राज्यों के साथ उनके डिजिटल आर्किटेक्चर में मदद करने के लिए संपर्क में हैं। जिन राज्यों के पास पहले से अपने पोर्टल हैं, उनसे अपने एपीआई को केंद्रीय प्लेटफार्मों से जोड़ने के लिए कहा गया है, जबकि जिन राज्यों के अपने पोर्टल नहीं हैं, उन्हें पोर्टल स्थापित करने में सहायता की पेशकश की जाएगी।’

श्रम सुविधा नैशनल सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से मिल रही श्रम सेवाएं अलग अलग राज्यों में व्यापक रूप से अलग होती हैं। पोर्टल के डैशबोर्ड पर उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार कर्नाटक ने लगभग 15 श्रम संबंधी स्वीकृतियों और पंजीकरणों को प्लेटफॉर्म पर एकीकृत किया है, गुजरात और केरल में वर्तमान में केवल दो-दो रिकॉर्ड दिखाए गए हैं। वहीं पश्चिम बंगाल और मेघालय जैसे कुछ राज्यों में डैशबोर्ड पर कोई रिकॉर्ड नहीं दिखाया गया है। यह खबर लिखे जाने तक मंत्रालय ने इस सिलसिले में मांगी गई जानकारी का कोई जवाब नहीं दिया।

श्रम सुविधा पोर्टल वर्तमान में श्रम कानून अनुपालन के लिए एक सिंगल-विंडो प्लेटफॉर्म के रूप में कार्य करता है, जबकि समाधान पोर्टल औद्योगिक विवादों और श्रमिक शिकायतों की निगरानी और समाधान के लिए उपयोग किया जाता है। प्रस्तावित ढांचे के तहत 4 श्रम संहिताओं के कार्यान्वयन में दोनों प्लेटफार्म महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा सकते है।

श्रम मंत्रालय ने राज्यों के साथ श्रम संहिताओं को लागू करने को लेकर कई परामर्श आयोजित किए हैं, जिसमें नियमों, डिजिटल बुनियादी ढांचे और कार्यान्वयन तंत्र पर चर्चाएं शामिल हैं। अधिकांश राज्यों ने संहिताओं के तहत मसौदा नियमों को तैयार कर लिया है, जबकि कई राज्यों को अभी अंतिम नियमों को अधिसूचित करना बाकी है

 

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First Published - June 18, 2026 | 8:59 AM IST

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