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आईएलऐंडएफएस बोर्ड ने ऋण वसूली का लक्ष्य बढ़ाया

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Last Updated- December 12, 2022 | 5:51 AM IST

वर्ष 2018 में संकट से ग्रस्त हुई इन्फ्रास्ट्रक्चर लीजिंग ऐंड फाइनैंशियल सर्विसेज (आईएलऐंडएफएस) ने समूह की परिसंपत्तियों की समाधान प्रक्रिया के संबंध में अपनी तिमाही जानकारी में  कुल ऋण रिकवरी को लेकर अपना अनुमान बढ़ा दिया है। आईएलऐंडएफएस ने कर्ज वसूली के लक्ष्य को 56,000 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 61,000 करोड़ रुपये कर दिया है, जिससे उसके करीब 99,000 करोड़ रुपये के कुल फंड आधारित और गैर-फंड आधारित संयुक्त कर्ज के 62 प्रतिशत का समाधान हो जाएगा।
कंपनी के बोर्ड ने कहा है, ‘संभावित निपटान योग्य कर्ज लक्ष्य में 5,000 करोड़ रुपये तक की वृद्घि सुधरते मूल्यांकन, बेहतर परिचालन प्रदर्शन और गैर-समूह निवेश से वसूली में तेजी की मदद से संभव हुई है।’ अब तक, आईएलऐंडएफएस के बोर्ड ने 43,100 करोड़ रुपये के ऋण का निपटान किया है, जो 61,000 करोड ़ रुपये की कुल संशोधित लक्षित रिकवरी वैल्यू के 70 प्रतिशत से अधिक और 99,000 करोड़ रुपये के कुल ऋण का 44 प्रतिशत है।
आईएलऐंडएफएस के चेयरमैन उदय कोटक के नेतृत्व वाले बोर्ड ने कहा है कि वित्त वर्ष 2022 के सितंबर तक 51,000 करोड़ रुपये से अधिक के ऋण का निपटान कर दिया जाएगा। इसलिए, अनिवार्य तौर पर, इन 6 महीनों में 7,950 करोड़ रुपये का निपटान किया जाएगा। सितंबर के बाद बोर्ड को अतिरिक्त 9,950 करोड़ रुपये की वसूली का अनुमान है।
बोर्ड द्वारा अब तक निपटाए गए 43,100 करोड़ रुपये में से, 26,800 करोड़ रुपये संपूर्ण इकाई बिक्री पहलों और नकदी बैलेंस से संबंधित है। शेष राशि (करीब 14,350 करोड़ रुपये) एनसीएलटी और एनसीएलएटी के समक्ष दायर समाधान एवं पुनर्गठन आवेदनोंं से हासिल होने की उम्मीद है।
मौजूदा समय में आईएलऐंडएफएस समूह के अधीन 347 कंपनियों में से 186 इकाइयां रिजॉल्व्ड, परिसमापन या बंद होने की प्रक्रिया के तहत हैं और शेष 161 इकाइयां का समाधान चल रहा है। सितंबर के बाद, बोर्ड को इन इकाइयों की संख्या 100 से नीचे रह जाने का अनुमान है। परिसमापन से ऐसी इकाइयां जुड़ी हुई हैं जो मौजूदा समय में परिचालन में नहीं हैं और कई बंद हो चुकी हैं।

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First Published - April 15, 2021 | 11:53 PM IST

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