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हेल्थकेयर से आईगेट की सेहत दुरुस्त!

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Last Updated- December 10, 2022 | 11:36 PM IST

आईटी सेवा प्रदाता कं पनी आईगेट मंदी की मार से बचने के लिए अब हेल्थसर्विस में किस्मत आजमा रही है।
स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में कदम रखने से कंपनी को अच्छी शुरुआत मिली है। जल्द ही कंपनी इस क्षेत्र में अपनी  तमाम सुविधाएं शुरू कर देगी। फिलहाल कंपनी के कैलिफोर्निया स्थित मुख्यालय के पास दो ग्राहक हैं।
नैस्डैक में सूचीबद्ध इस कंपनी के सीईओ फणीश मूर्ति ने बताया कि आर्थिक मंदी ने हेल्थकेयर को छोड लगभग सभी कारोबार को बुरी तरह प्रभावित किया है। यह ऐसा क्षेत्र है, जिसके अगले पांच सालों में और भी विकास के आसार हैं, क्योंकि अमेरिका में स्वास्थ को लेकर खासी जागरूकता है। इसलिए हमने सोचा कि इस क्षेत्र में उतरना समझदारी होगी।
उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा तिमाही में कंपनी के राजस्व में हेल्थकेयर ग्राहकों कि भागीदारी भी शामिल होगी। घोटाले में फंसी सत्यम कंप्यूटर की बिकवाली में भाग लेकर चर्चा में आई आईगेट ने अपनी ऑफशोर सुविधाओं को 78 फीसदी तक बढ़ा लिया है।
हालांकि कंपनी ने अपनी ऑफशोर ऑनसाइट नीति में कोई बदलाव नहीं किया है। मंदी की वजह से मूल्यों को कम करने का दबाव झेल रही कंपनी का मानना है कि इससे कंपनी को विदेशी ग्राहकों को अपनी ओर करने में मदद मिलेगी।
गौरतलब है कि आईगेट के राजस्व का 50 फीसदी हिस्सा फाइनैंशियल सेक्टर से आता, जबकि शेष आय उत्पादों की बिक्री, मनोरंजन और मीडिया से प्राप्त होती है। पिछले साल के मुकाबले इस साल कंपनी के राजस्व में 8 फीसदी की बढोतरी हुई है।
31 दिसंबर, 2008 को समाप्त तिमाही में कंपनी का राजस्व 21.88 करोड़ डॉलर था। फिलहाल कंपनी के पास 8 नए ग्राहक हैं, लेकिन इनमें से कोई भी वित्तीय क्षेत्र से नहीं है। कंपनी के सीईओ मूर्ति का कहना है कि पिछली तिमाही में हमें ज्यादा दिक्कतों का सामना नहीं करना पडा, क्योंकि हमने अपना मुनाफा निकाल लिया था।
हालांकि मुझे ऐसा लगता है कि अगली तिमाही में वित्तीय क्षेत्र में सुधार आएगा और अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में यह महत्वपूर्ण भूमिका आद करेगी। बहरहाल, बाजार विश्लेषकों और उद्योग जगत के लोगों कि मानें तो फाइनैंशियल सेक्टर की ज्यादातर कंपनियां अपने बजट में 25 से 30 फीसदी की कटौती कर चुकी हैं।
बाजार में कंपनियों के विलय और बिकवाली को देखते हुए आईटी सेक्टर से जुडी बैंकिंग और अन्य वित्तीय कंपनियां अनुबंध को रद्द कर रही हैं या नए तरह से अनुबंध कर रही हैं।

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First Published - April 7, 2009 | 9:56 PM IST

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