ठंड के मौसम में पांच सितारा होटलों में खाली पड़े कमरे और इस वजह से आमदनी में हुई गिरावट ने होटल कंपनियों को इस बात के लिए विवश कर दिया है कि वे गर्मी के मौसम में दिए जाने वाले पैकेज में 30 से 40 फीसदी की कटौती करें।
पांच सितारा होटलों में दाम अधिक होने की वजह से पर्यटक तीन सितारा और चार सितारा होटलों की ओर रुख करने लगे और मौजूदा संकट के दौर में भी इन होटलों ने चांदी काटी।
ट्रैवलगुरू के उपाध्यक्ष (होटल्स) शॉन दुबाश ने कहा, ‘पांच सितारा होटलों ने ग्रीष्मकालीन पैकेज में 30 से 40 फीसदी की कटौती शुरू कर दी है। हालांकि मंदी के दौर में भी छोटे होटलों पर ज्यादा असर नहीं पड़ा है। पर्यटकों की संख्या बढ़ने से तीन सितारा और चार सितारा होटलों को अच्छी आमदनी हुई है।’
रैडिसन जस शिमला (एक पांच सितारा होटल) ने एक युगल को 2 रात और 3 दिन ठहरने के लिए 16,999 रुपये तय की है, जबकि लीला रिजेंसी, शिमला ने डीलक्स होटल में एक युगल को ठहरने के लिए 8999 रुपये निर्धारित की है। भारत में गर्मी के मौसम में शिमला, मसूरी और मनाली पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र होते हैं।
सिटीग्रुप की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले साल के मुकाबले इस साल होटलों में कमरे अधिक खाली रहे। इसके अलावा कमरे के औसत किराये में भी गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि होटल कंपनियां अब इस बात को स्वीकार रही है कि बिना कीमतों में कमी किए कमरों को भर पाना मुश्किल है।
एसटीआईसी ट्रैवल ग्रुप के प्रवक्ता ने कहा, ‘गर्मी के मौसम में पिछले साल के मुकाबले कमरों की बुकिंग में इस साल 25 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि तीन सितारा होटलों में यह गिरावट महज 10 से 15 फीसदी रही।