देश की पांचवी सबसे बड़ी सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) सॉफ्टवेयर और सर्विस निर्यातक कंपनी एचसीएल टेक्नोलॉजिज (टेक) ने ब्रिटेन की सैप सलाहकार कंपनी एक्सॉन ग्रुप के अधिग्रहण की 44 करोड़ पाउंड की नकद पेशकश को आज पूरा कर लिया।
फिलहाल एचसीएल एक्सॉन एंटरप्राइज एप्लीकेशन सर्विसेज (ईएएस) का कारोबार करती है। एचसीएल के कुल राजस्व का 11 प्रतिशत हिस्सा इसी कारोबार से आता है। दोनों कंपनियों के एक साथ होने से कारोबार बढ़ जाएगा और एचसीएल के कुल राजस्व का 25 प्रतिशत हिस्सा ईएएस से हासिल होगा।
25 नवंबर को एक्सॉन ने एचसीएल ईएएस की ओर से अधिग्रहण की व्यवस्था की योजना को अपनी मंजूरी दे दी थी। एचसीएल ईएएस एचसीएल टेक की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है।
एचसीएल को 99.9 प्रतिशत मत अपने हित में मिले और कंपनी ने इस ब्रिटिश कंपनी में 3.47 करोड़ शेयरों का अधिग्रहण कर लिया। अक्टूबर में एचसीएल ने एक्सॅन के लगभग 10.43 फीसदी शेयरों का अधिग्रहण 650 पेंस प्रति शेयर से भी कम दाम में कर लिया था।
एचसीएल टेक्नोलॉजिज के बोर्ड सदस्य और मुख्य कार्याधिकारी विनीत नायर का कहना है, ‘हमनें कुछ रणनीतिक कदम उठाए हैं जैसे बोली की कीमतों से कम दामों में एक्सॉन के शेयरों का अधिग्रहण करना।’
एचसीएल टेक्नोलॉजिस ने एक्सॉन के 67.1 लाख शेयर 12 अक्टूबर को खुले बाजार से खरीदे थे। ये शेयर ब्रिटिश कंपनी की कुल चुकता पूंजी का 10.43 प्रतिशत हिस्सा हैं। 10 अक्टूबर को ब्रिटेन के अधिग्रहण पैनल और एक्सॉन की सहमति के साथ एचसीएल ने ‘करार की योजना’ के जरिये अधिग्रहण का फैसला लिया।
8 अक्टूबर को एचसीएल ईएएस ने एक्सॅन के 3,01,623 शेयरों का अधिग्रहण किया, जिसके साथ एचसीएल ईएएस की एक्सॉन में 0.47 प्रतिशत हिस्सेदारी हो गई। एचसीएल ईएएस और एचसीएल टेक्नोलॉजिज के लिए डीएसपी मेरिल लिंच वित्तीय सलाहकार की भूमिका निभाएगी।