कंपनियों पर सरकार की सख्ती

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 12, 2022 | 6:52 AM IST

कंपनियों के कारोबार से जुड़े अहम वित्तीय आंकड़े जल्द ही सरकार की सख्त निगरानी में आ जाएंगे। सरकार इसके लिए एमसीए21 3.0 नाम के तहत एक स्वचालित प्रणाली की शुरुआत करेगी। इस प्रणाली से सरकार कंपनियों के कर्ज एवं कमाई और ऋण एवं परिसंपत्तियों के अनुपात सहित दूसरे अहम आंकड़ों पर अधिक पैनी नजर रख पाएगी।
इस पूरी कवायद की जानकारी रखने वाले एक वरिष्ठ अधिकारी ने बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया कि कंपनी मामलों के मंत्रालय (एमसीए) द्वारा तय मानदंडों के अनुरूप कंपनियों के वित्तीय आंकड़े नहीं रहने पर उनसे सख्ती से जवाब-तलब किया जाएगा। मंत्रालय फिलहाल ये मानदंड तैयार कर रहा है। कंपनियों के इन अहम आंकड़ों की पड़ताल केंद्रीय जांच केंद्र करेगा।
यह प्रणाली कंपनियों के महत्त्वपूर्ण कारोबारी अनुपात में त्रुटियां होने पर तत्काल आगाह करेगी। एलऐंडटी इन्फोटेक इस नए संसरकण का परिचालन करेगी। अधिकारी ने कहा, ‘ऐसी कंपनियों की कमी नहीं हैं जो किसी कारोबार से नहीं जुड़ी हैं लेकिन उन पर अथाह कर्ज है। नई प्रणाली तय मानदंडों पर फिसलने वाली ऐसी कंपनियां कसौटी पर कसी जाएंगी और उनसे स्पष्टीकरण मांगे जाएंगे। इसके बाद आवश्यकतानुसार कार्यवाई की जाएगी।’
सरकार को उम्मीद है कि इससे यह तय करने में भी मदद मिलेगी विभिन्न कंपनियां किस तरह का जोखिम ले रही हैं और वे जोखिम लेने में कितनी सक्षम हैं। किसी कंपनी के वित्तीय संकेतकों में त्रुटि पाए जाने पर आवश्यक कार्यवाई की प्रक्रिया केंद्रीय जांच केंद्र से शुरू होगी। जरूरत पडऩे पर आगे की जांच के लिए मामला संबंधित कपनी पंजीयक के पास भेजा जाएगा। एमसीए केंद्रीय जांच केंद्र में एक नए पंजीयक की नियुक्ति की जाएगी। पूर्व में एमसीए ने कहा था कि एक जांच प्रकोष्ठ गहराई से जांच के लिए इलेक्ट्रॉनिक लेनदेन निपटाने वाले कुछ खास फॉर्म की समीक्षा करेगा। उद्योग जगत के विशेषज्ञों का कहना है कि नई प्रणाली से मंत्रालय गलतियां करने वाली कंपनियों से और अधिक सख्ती से निपट पाएगा। इस बारे में एक विशेषज्ञ ने कहा, ‘मंत्रालय अब अपनी भूमिका केवल कागजात पर मुहर लगाने तक ही सीमित नहीं रखना चाहता। वह कानून का कड़ाई से पालन कराने पर भी ध्यान दे रहा है। यह एक अच्छा कदम है क्योंकि इसके जरिये वास्तविक चुनौतियों पर ध्यान दे पाएगी और कंपनियों में संचालन प्रणाली ठीक कर पाएगी। एक बार जब मंत्रालय नियमों का पालन कराने पर आमादा हो गया तो कंपनियां स्वयं ही अपना काम-काज ठीक करना शुरू कर देंगी।’
मंत्रालय ने पूर्व में जारी एक बयान में कहा था कि नया पोर्टल तकनीक आधारित होगा और भविष्य पर केंद्रित इस प्रणाली में सूक्ष्म स्तर पर विश्लेषण करने की अधिक क्षमता होगी। अधिकारियों के अनुसार सीएमएस तभी आगाह करेगी जब किसी तरह की त्रुटि होगी। जांच केंद्र में फिलहाल इस प्रणाली की समीक्षा चल रही है और माना जा रहा है कि किसी तरह की संदेहास्पद गतिविधि का पता लगाने में यह काफी कारगर होगी।

First Published : March 19, 2021 | 12:11 AM IST