मंदी और विपरीत हालात की वजह से नामी कार कंपनी जनरल मोटर्स इंडिया को आने वाला वक्त अच्छा नहीं लग रहा है। कंपनी का मानना है कि चालू वर्ष की पहली छमाही कार कंपनियों पर खासी भारी पड़ेगी।
जनरल मोटर्स के उपाध्यक्ष पी बालेंद्रन ने कहा, ‘सेनवैट कटौती ने तो बाजार को कुछ रफ्तार दी, लेकिन कुल मिलाकर पिछला साल हमारे लिए अच्छा नहीं रहा। हम बिक्री के लक्ष्य को हासिल नहीं कर सके। समूचे बाजार की यही कहानी रही। इस बार भी हमें शुरुआती छह महीनों से उम्मीद नहीं है।’
कंपनी ने दिसंबर के दौरान लगभग 15 दिन तक अपने संयंत्र को बंद रखा। इसके अलावा हलोल और तालेगांव संयंत्र में काम भी धीमा किया जा रहा है।
लेकिन आगे उत्पादन में कटौती के बारे में बालेंद्रन ने कुछ नहीं कहा। उनका कहना है कि बाजार मंदा रहा, तो इसके बारे में सोचा जाएगा।