गेल (इंडिया) ने वित्त वर्ष 2020-21 की तीसरी तिमाही में समेकित शुद्ध लाभ में गिरावट दर्ज की है और यह घटकर 1,897.04 करोड़ रुपये रह गया है। यह कंपनी द्वारा वित्त वर्ष 2019-2020 की इसी तिमाही में दर्ज किए गए 2,029.51 करोड़ रुपये के शुद्ध लाभ की तुलना में कम है। समीक्षाधीन अवधि के दौरान कुल आय में भी गिरावट दर्ज की गई है। गेल ने कहा कि 31 दिसंबर, 2020 को समाप्त होने वाली तिमाही में कुल आय घटकर 15,899.85 करोड़ रुपये रह गई है, जो वित्त वर्ष 2019-2020 की तुलनात्मक तिमाही के दौरान कंपनी द्वारा दर्ज की गई 18,094.15 करोड़ रुपये की कुल आय से कम है। कंपनी ने प्राकृतिक गैस विपणन कारोबार से इस खंड के राजस्व में भारी गिरावट दर्ज की है। तीसरी तिमाही के दौरान इस खंड का राजस्व (जिसका गेल के पोर्टफोलियो में सबसे बड़ा हिस्सा है) गिरकर 14,882.74 करोड़ रुपये रह गया है, जो वित्त वर्ष 2019-2020 की इसी अवधि में 17,157.64 करोड़ रुपये था। इस खंड में कम राजस्व के कारण इस समीक्षाधीन तिमाही में 157.94 करोड़ रुपये की हानि हुई है। पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि के दौरान गेल ने 452.64 करोड़ रुपये का लाभ दर्ज किया था।
स्पाइसजेट को 66.7 करोड़ रु. का घाटा
विमानन कंपनी स्पाइसजेट ने वित्त वर्ष 2021 की तीसरी तिमाही के दौरान 66.7 करोड़ रुपये की शुद्ध हानि दर्ज की है, क्योंकि वैश्विक महामारी कोविड-19 के कारण विमानन और यात्रा क्षेत्र को लगातार प्रतिकूल प्रभाव झेलना पड़ रहा है। पिछले साल की इसी तिमाही के दौरान इस विमान कंपनी ने 77.9 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया था। हालांकि परिचालन राजस्व आधा रह गया है, लेकिन स्पाइसजेट के इस परिणाम को 209 करोड़ रुपये की अन्य आय के कारण फायदा पहुंचा है। इस तीमाही के दौरान कुल आय 1,901 करोड़ रुपये रही।
हिंडाल्को इंडस्ट्रीज को शुद्ध लाभ बढ़ा
हिंडाल्को इंडस्ट्रीज ने दिसंबर तिमाही में अनुमान से अधिक 1,877 करोड़ रुपये का समेकित शुद्ध लाभ दर्ज किया है, जो पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 77 प्रतिशत अधिक है। ऑर्डर बुक में मजूबत संकेत नजर आने से हिंडाल्को इंडस्ट्रीज को लग रहा है कि मांग में वैश्विक महामारी कोविड से पहले के स्तर की वापसी टिकाऊ है और प्रकृति के लिहाज से यह पूरे क्षेत्र में दबी हुई मांग नहीं है। हिंडाल्को इंडस्ट्रीज के प्रबंध निदेशक सतीश पई ने बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया कि मिल रहे ऑर्डर भविष्य के तीन महीने और छह महीने वाले नए ऑर्डर हैं तथा ऐसा कोई भी पुराना ऑर्डर नहीं है जिस पर पुनर्विचार किया जा रहा हो।
एवरेडी को 50.43 करोड़ रुपये का लाभ
एवरेडी इंडस्ट्रीज इंडिया ने दिसंबर में समाप्त हुई तिमाही के दौरान 50.43 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया है। मूल्य और बिक्री वृद्धि के कारण अधिक सकल मार्जिन के साथ-साथ बैटरी और फ्लैशलाइट के कुल कारोबार में इजाफेे की वजह से ऐसा हुआ है। पिछले साल की समान अवधि के दौरान शुद्ध लाभ 90.60 करोड़ रुपये रहा था, हालांकि इसमें चेन्नई में भूमि की बिक्री से होने वाला 89.55 करोड़ रुपये का असाधारण लाभ भी शामिल था।