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मिल गए टाटा टेली और क्विपो के टावर

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Last Updated- December 09, 2022 | 5:52 PM IST

दूरसंचार सेवा प्रदाता कंपनी टाटा टेलीसर्विसेज लिमिटेड (टीटीएसएल) ने अपने बुनियादी ढांचा कारोबार को आज बुनियादी ढांचा उपकरण किराये पर देने वाली कंपनी क्विपो टेलीकॉम इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के साथ मिला दिया।


दोनों के मिलने से दूरसंचार टावर का कारोबार करने वाली देश की सबसे बड़ी कंपनी बन गई, जिसकी कीमत लगभग 13,000 करोड़ रुपये है। इस क्षेत्र में भारती एयरटेल, वोडाफोन एस्सार और आइडिया सेल्युलर के संयुक्त उपक्रम इंडस के पास देश में लगभग 80,000 टावर हैं।

रिलायंस कम्युनिकेशंस ने भी अपने बुनियादी ढांचा कारोबार को एक अलग कंपनी रिलायंस इन्फ्राटेल की शक्ल दी है, जिसके पास 40,000 टावर हैं। लेकिन टाटा टेली और क्विपो का यह संयुक्त उपक्रम औरों से कुछ अलग होगा। इसे कोई दूरसंचार प्रदाता नहीं संभालेगा, बल्कि स्वतंत्र पेशेवर देखरेख करेंगे।

विलय के समझौते के तहत श्री इन्फ्रास्ट्रक्चर फाइनैंस लिमिटेड के कनोरिया द्वारा प्रवर्तित क्विपो की इस उपक्रम में 49 फीसदी हिस्सेदारी होगी, जिसके लिए कंपनी 2,400 करोड़ रुपये का नकद भुगतान करेगी। इसके साथ ही कंपनी में प्रबंधन क्विपो के हाथ में होगा।

इसके बाद क्विपो टेलीकॉम अपने टावर कारोबार को खुद से अलग कर देगी और उसके तकरीबन 5,000 टावर टाटा टेली की टावर शाखा वायरलेस टीटी इन्फोसर्विसेज लिमिटेड के हाथ में चले जाएंगे। इस तरह नए उपक्रम के पास 18,000 से ज्यादा टावर होंगे।

टाटा टेली के पास इस उपक्रम में 51 फीसदी हिस्सेदारी होगी और उसकी टावर कंपनी के प्रबंधन के अधिकार किसी और को नहीं मिलेंगे। इस तरह प्रमुख अधिकारियों के नाम तय करने का अधिकार क्विपो के पास होगा।

निदेशक मंडल में दोनों कंपनियों के प्रतिनिधि होंगे और चेयरमैन स्वतंत्र होगा। यह सौदा अगले वित्त वर्ष की पहली तिमाही में पूरा होने की उम्मीद है, लेकिन पहले उसे कानूनी मंजूरी का इंतजार रहेगा।

टीटीएसएल के प्रबंध निदेशक अनिल सरदाना ने कहा, ‘इस नई कंपनी की कीमत तकरीबन 13,000 करोड़ रुपये आंकी गई है और हमें उम्मीद है कि इसमें तेज इजाफा होगा। हम इसे बड़ा मौका मान रहे हैं क्योंकि दूरसंचार क्षेत्र में कदम रखने वाली नई कंपनियों को टावरों की अच्छी खासी जरूरत पड़ेगी।

इसके अलावा 3जी और ब्रॉडबैंड वायरलेस एक्सेस सेवाओं के लिए भी नीलामी होने वाली है, जिसका फायदा दूरसंचार बुनियादी ढांचा क्षेत्र की कंपनियों को मिलेगा।’

उन्होंने कहा कि संयुक्त उपक्रम का लक्ष्य दो साल के भीतर 50,000 से भी ज्यादा टावर स्थापित करने का है। इसके अलावा उन्होंने उम्मीद जताई कि  उनके टावरों का इस्तेमाल करने वाली कंपनियों की तादाद भी अच्छी खासी होगी।कंपनी तीन साल में अपने विस्तार पर 5,000 करोड़ रुपये खर्च करेगी।

क्विपो टेलीकॉम इन्फ्रास्ट्रक्चर के निदेशक और क्विपो इन्फ्रास्ट्रक्चर इक्विपमेंट के वाइस चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक सुनील कनोड़िया ने कहा, ‘2,400 करोड़ रुपये के नकद भुगतान के अलावा भी हम चालू कैलेंडर वर्ष के दौरान 2,000 करोड़ रुपये का निवेश करेंगे।

इस वर्ष हमें 8 से 10,000 टावर लगाने हैं और अगले दो-तीन साल में 5,000 करोड़ रुपये का निवेश करने की हमारी योजना है। हम कंपनी को सूचीबद्ध कराने के बारे में सोच रहे हैं।’

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First Published - January 5, 2009 | 11:32 PM IST

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