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एफएमसीजी: चौथी तिमाही में भी वृद्धि

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Last Updated- December 12, 2022 | 4:52 AM IST

देश के 4.3 लाख करोड़ रुपये के एफएमसीजी उद्योग के लिए अप्रैल से जून की अवधि काफी उतार-चढ़ाव भरी हो सकती है। बाजार अनुसंधान फर्म नीलसन ने आज कहा कि कोविड-19 की दूसरी लहर के कारण एफएमसीजी बाजार प्रभावित होगा।
नीलसन ने एफएमसीजी उद्योग के लिए मार्च तिमाही के अपने आंकड़े जारी करते हुए कहा कि चौथी तिमाही के दौरान इस क्षेत्र की वृद्धि 9.4 फीसदी रहेगी जो दिसंबर तिमाही में 7.3 फीसदी और जुलाई से सितंबर तिमाही में 1.6 फीसदी रही थी। वृद्धि के इन आंकड़ों में ई-कॉमर्स के जरिये बिक्री भी शामिल है। यदि इसे हटा दिया जाए तो मार्च तिमाही में एफएमसीजी क्षेत्र की वृद्धि 9.3 फीसदी रहेगी जबकि दिसंबर तिमाही में यह आंकड़ा 7.1 फीसदी और सितंबर तिमाही में 0.8 फीसदी रहा था।
नीलसनक्यू के दक्षिण एशिया में प्रमुख दीप्तांशु रे ने कहा, ‘जहां तक जनवरी से मार्च 2021 की अवधि का सवाल है तो एफएमसीजी बाजार में लगातार तीसरी तिमाही के दौरान वृद्धि देखी गई है। हालांकि ग्रामीण क्षेत्रों में कोविड-19 की दूसरी लहर के फैलने पर विशेष निगरानी रखनी होगी। यदि ग्रामीण क्षेत्रों में इस वायरस का तेजी से प्रसार होता है तो एफएमसीजी बाजार पर उसका प्रभाव पड़ेगा।’
देश की सबसे बड़ी उपोक्ता वस्तु कंपनी हिंदुस्तान यूनिलीवर (एचयूएल) ने भी यही चिंता जताई है। एचयूएल के चेयरमैन एवं एमडी संजीव मेहता ने पिछले सप्ताह बिजनेस स्टैंडर्ड से बातचीत में कहा था कि कोविड-19 के ग्रामीण इलाकों में फैलने से वहां की आर्थिक गतिविधि प्रभावित होगी। उन्होंने कहा, ‘मैं समझता हूं कि यदि ग्रामीण इलाकों में इस वायरस का संक्रमण फैलता है तो पिछले साल ग्रामीण क्षेत्रों को दिए गए प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण, मनरेगा के लिए अधिक आवंटन, खाद्य सब्सिडी आदि प्रोत्साहन पर फिर से विचार किया जा सकता है।’
हालांकि मांग पर प्रभाव आमतौर पर एफएमसीजी में गिरावट के साथ दिखाई देता है। ऐसे में देश भर में कोविड-19 के तेजी से फैलने के मद्देनजर इस क्षेत्र के लिए चुनौतीपूर्ण अवधि की भविष्यवाणी से उद्योग की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। पंजाब, हरियाणा, केरल, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, झारखंड और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों के छोटे शहरों एवं ग्रामीण इलाकों के साथ-साथ बड़े शहरों में सख्ती बरती जा रही है। इस बीच, महाराष्ट्र में संक्रमण के दैनिक मामलों की संख्या में गिरावट आई है लेकिन मृत्यु दर में तेजी बरकरार है। जानकारों का कहना है कि महाराष्ट्र में लॉकडाउन इस महीने के अंत तक जारी रह सकता है।
एफएमसीजी उद्योग की कुल बिक्री में ग्रामीण क्षेत्रों का योगदान करीब 39 फीसदी है जबकि शहरों क्षेत्रों का योगदान 61 फीसदी है। नीलसनक्यू दक्षिण एशिया के कस्टमर सक्सेस लीडर समीर शुक्ला ने कहा कि पिछली तीन तिमाहियों के दौरान एफएमसीजी क्षेत्र में सुधार को मुख्य तौर पर ग्रामीण क्षेत्रों से बल मिल रहा था। ग्रामीण इलाकों में एफएमसीजी की बिक्री में सितंबर तिमाही के दौरान 10.6 फीसदी, दिसंबर तिमाही में 14.2 फीसदी और मार्च तिमाही में 14.6 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई थी।

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First Published - May 12, 2021 | 11:17 PM IST

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