फ्लिपकार्ट अपने तकनीकी बुनियादी ढांचे का नए सिरे से पुनर्निर्माण कर रही है। इसके तहत कंपनी इंजीनियरिंग, उत्पाद और डेटा संबंधी कार्यों को ‘वनटेक’ नामक आंतरिक कार्यक्रम के अंतर्गत एकीकृत कर रही है ताकि अगले साल तक आने वाले संभावित आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) से पहले अपने प्लेटफॉर्म को आधुनिक बनाया जा सके।
इस बड़े बदलाव का मुख्य केंद्र आर्टिफिशल इंटेलिजेंस-फर्स्ट आर्किटेक्चर की दिशा में बढ़ना है। इसके तहत लार्ज लैंग्वेज मॉडल और एजेंटिक फ्रेमवर्क का उपयोग करके पुरानी प्रणालियों को बदला जा रहा है और साथ ही साथ कारोबार भी पूरी क्षमता से चलता रहेगा।
फ्लिपकार्ट के मुख्य उत्पाद और प्रौद्योगिकी अधिकारी बालाजी त्यागराजन ने इस चुनौती की तुलना ‘उड़ते हुए हवाई जहाज के इंजन बदलने’ से की है। गूगल के पूर्व अधिकारी त्यागराजन को पिछले साल सितंबर में इस पद पर नियुक्त किया गया था। वह माइक्रोसॉफ्ट, उबर और याहू में भी काम कर चुके हैं। उन्होंने फरवरी 2025 में पद छोड़ने वाले जयेंद्रन वेणुगोपाल की जगह ली थी।
त्यागराजन ने बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया, ‘एक ऐसा उड़ता हुआ हवाई जहाज है जिसे उड़ते रहना है। वह उतर नहीं सकता क्योंकि कारोबार चल रहा है और हमारा काम उस हवाई जहाज के इंजन को उड़ान के दौरान बदलकर आधुनिक बनाना है।’
इस परिवर्तन का दायरा ग्राहक अनुभव, आपूर्ति श्रृंखला परिचालन और आईपीओ की तैयारी तक फैला हुआ है। फ्लिपकार्ट शेयर बाजारों की कड़ी निगरानी को देखते हुए डेटा सुरक्षा, अनुपालन और धोखाधड़ी का पता लगाने के लिए अपने प्रशासन को लगातार मजबूत कर रही है। कंपनी डीपीडीपी मानकों, पीसीआई अनुपालन और जिम्मेदार एआई से संबंधित नियंत्रणों को सुदृढ़ कर रही है और साथ ही ऑडिट प्रक्रियाओं तथा कारोबारी निरंतरता की प्रणालियों को भी मजबूत बना रही है।
फ्लिपकार्ट बड़े स्तर पर काम करते हुए बदलाव की लागत के संबंध में नपा-तुला तरीका अपना रहा है। वह अपने मुख्य कारोबार को चलाते हुए ही सभी नए विकास को एआई-फर्स्ट मॉडल पर ले जा रहा है। कंपनी अपने मौजूदा उत्पादों में एआई आधारित सुविधाओं को जोड़ रही है।
इनमें ‘बातचीत करने वाला शॉपिंग असिस्टेंट’ भी शामिल है। इसके अलावा वह मौजूदा प्रणालियों के साथ-साथ नई क्षमताएं भी विकसित कर रही है। कालांतर में ये एआई साइडकार सेवाएं पुराने बुनियादी ढांचे की जगह ले लेंगी। इस तरह बदलाव और कामकाज दोनों ही एक साथ चलते रहेंगे।
फ्लिपकार्ट ने इस साल एआई में अपना निवेश छह गुना बढ़ा दिया है। इसका मुख्य जोर प्रयोगों के बजाय खासे परिणामों पर है।