तिलैया अल्ट्रा मेगा पावर परियोजना (यूएमपीपी) की तकनीकी निविदा में कुल 9 कंपनियों ने रुचि दिखाई थी ।
उनमें से 5 कंपनियों- रिलायंस पावर, लैंको इन्फ्राटेक, जिंदल स्टील एंड पावर लिमिटेड, एनटीपीसी लिमिटेड और स्टरलाइट इंडस्ट्रीज ने तकनीकी निविदा दायर की है।
प्रस्तावित परियोजना की क्षमता 4,000 मेगावॉट है, जिसकी लागत करीब 16,000-18,000 करोड़ रुपये होगी। 4 कंपनियां इस दौड़ से बाहर हो गईं। इनमें टाटा पावर, चित्रा थर्मल पावर, एस्सार पावर और लार्सन एंड टुब्रो लिमिटेड शामिल हैं।
प्रस्तावित तिलैया अल्ट्रा मेगा पावर परियोजना से संबंद्ध पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन (पीएफसी) के एक अधिकारी का कहना है कि मौजूदा वित्तीय हालात को देखते हुए करोड़ों रुपये की लागत वाली इस ऊर्जा परियोजना में 5 कंपनियों की ओर से निविदा दायर करना उत्साहजनक है।
परियोजना के लिए वित्तीय निविदा (फाइनेंशियल बिडिंग), जिसमें बिजली बेचने की दर भी शामिल हैं, उसे अगले 15 दिनों में खोले जाने की उम्मीद है। तिलैया प्रोजेक्ट सरकारी-निजी साझेदारी के तहत बनने वाली देश की चौथी अल्ट्रा मेगा पावर परियोजना होगी।
रिलायंस पावर मध्यप्रदेश के सासन और आंध्र प्रदेश के कृष्णापत्तनम में पहले ही दो अल्ट्रा मेगा पावर परियोजना पर काम कर रही है। जबकि टाटा पावर के पास गुजरात के मुंद्रा में एक अल्ट्रा मेगा पावर परियोजना है।
प्रस्तावित परियोजना सरकार की अल्ट्रा मेगा पावर परियोजना स्कीम का हिस्सा है, जिसमें देश में कुल 13 अल्ट्रा मेगा पावर परियोजना स्थापित करने की योजना है।
तिलैया पावर परियोजना की तकनीकी निविदा में पांच कंपनियों का चयन
16,000 से 18,000 करोड़ रुपये की लागत से 4,000 मेगावॉट की परियोजना स्थापित करने की योजना