फार्मा पीएसयू की भूमि के कम खरीदार

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 11, 2022 | 3:00 PM IST

 2016 में प्रक्रिया शुरू होने के बाद फार्मास्युटिकल्स (फार्मा) सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम (पीएसयू) के विस्तारित क्षेत्र वाली जमीन के लिए आसानी से कोई खरीदार नहीं मिल रहे हैं। हालांकि जमीन का अब स्वतंत्र मूल्याकंन किया जा रहा है और पीएसयू के सूत्र संकेत दे रहे हैं कि आने वाले महीनों में बिक्री की प्रक्रिया में तेजी आ सकती है। 
शुरू में, सरकारी एजेंसियों तक नीलामी सीमित थी और कई भूमि अधिशेष की बिक्री के लिए पीएसयू की निविदा को कोई खरीदार नहीं मिला।
फार्मास्यूटिकल्स विभाग के 2021-22 की सालाना रिपोर्ट में दर्शाया गया है, ‘चूंकि जमीन नहीं बिकी इसलिए सार्वजनिक क्षेत्र की देनदारियां पूरी नहीं हो सकीं और उनके बंद होने या रणनीतिक बिक्री से संबंधित कोई प्रगति भी नहीं हुई।’
मामले को फिर से कैबिनेट के पास ले जाया गया, और दिसंबर 2019 में आदेश में संशोधन कर निर्णय लिया गया कि निजी कंपनियों को भी प्रतिस्पर्धी नीलामी प्रक्रिया के तहत जमीन की बिक्री की जा सकती है। 
दिसंबर 2016 में, सरकार ने अधिशेष भूमि की बिक्री और अंतिम रूप से बंद या रणनीतिक बिक्री के लिए फार्मा सार्वजनिक क्षेत्र के चार उपक्रम चिह्नित किए, इंडियन ड्रग्स ऐंड फार्मास्युटिकल्स (आईडीपीएल), राजस्थान ड्रग्स ऐंड फार्मास्युटिकल्स (आरडीपीएल), हिंदुस्तान एंटीबायोटिक्स और बंगाल केमिकल्स ऐंड फार्मास्युटिकल्स (बीएसीपीएल)  आईडीपीएल और आरडीपीएल को देनदारियां चुकाने के बाद बंद किया जाना है जबकि हिंदुस्तान एंटीबायोटिक्स को रणनीतिक बिक्री के लिए लिया जाएगा। 
लाभ कमाने वाली दो पीएसयू – बीसीपीएल और कर्नाटक एंटीबायोटिक्स ऐंड फार्मास्युटिकल्स (केएपीएल) भी रणनीतिक विनिवेश के लिए तैयार है।
सार्वजनिक उपक्रमों के एक प्रमुख वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने बिज़नेस स्टैंडर्ड को बताया कि स्वतंत्र मूल्यांकनकर्ताओं द्वारा भूमि के मूल्यांकन की प्रक्रिया जारी है। अधिकारी ने कहा, ‘हमें उम्मीद है कि प्रक्रिया अब तेज हो जाएगी। 

First Published : September 25, 2022 | 11:00 PM IST