कृष्णा-गोदावरी डी6 बेसिन से रिलायंस इंडस्ट्रीज (आरआईएल) जिन 12 फर्टिलाइजर कंपनियों की यूरिया इकाइयों को गैस का वितरण कर रही है, उन्हें बहुत ज्यादा फायदा नहीं हो रहा है।
कुछ फर्टिलाइजर कंपनियों का कहना है कि उनके द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले ईंधन से आरआईएल गैस की कीमत कम जरूर है, लेकिन इससे यूरिया उत्पादन में बहुत ज्यादा इजाफा नहीं हुआ है।
चंबल फर्टिलाइजर ऐंड केमिकल्स के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘इसमें कोई शक नहीं है कि हमलोगों को सस्ती दर पर गैस मिल रहा है। पहले हमलोग महंगे नैफ्था और ईंधन तेल का इस्तेमाल करते थे। लेकिन इसका लाभ दूसरी तरफ चला जा रहा है। इस पूरी प्रक्रिया में अगर किसी को फायदा हुआ है, तो वह सरकार है।’
चंबल फर्टिलाइजर्स केजी बेसिन से लगभग 1.1 एमसीएडी गैस लेगी। लेकिन कंपनी का कहना है कि इससे यूरिया उत्पादन में कोई बहुत ज्यादा उत्पादन नहीं होने जा रहा है। अगर और गैस की उपलब्धता कराई जाती है, तो कंपनी यूरिया उत्पादन में 10 फीसदी का इजाफा करेगी।
भारतीय उर्वरक संगठन (एफएआई) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि इससे केवल उन्हीं कंपनियों को फायदा पहुंचेगा, जो स्वच्छ ईंधन का इस्तेमाल करेगी। एफएआई अधिकारी ने कहा, ‘इसका वास्तविक लाभ देश के खजाने को होगा, जिसमें उर्वरकों पर दी जाने वाली सब्सिडी मद में 3000 करोड़ रुपये की बचत होगी।’
अभी उर्वरक उद्योग में 3 करोड़ मीट्रिक स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर (एमसीएमडी) गैस की खपत की जाती है, जबकि जरूरत 4 करोड़ 40 लाख एमसीएमडी की है। एक साल पहले नैफ्था से यूरिया निकाली जाती थी, जो अब गैस से निकाली जा रही है।
कंपनियों ने बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया कि पहले यूरिया निकालने के लिए या तो नैफ्था का इस्तेमाल होता था या आयातित गैस का, जिसकी कीमत लगभग दोगुनी हो जाती थी। अभी हाजिर बाजार में नैफ्था का कारोबार 12 डॉलर प्रति दस लाख ब्रिटिश थर्मल यूनिट (एमबीटीयू) पर हो रहा है, जबकि द्रवीभूत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) का कारोबार 6 डॉलर प्रति एमबीटीयू पर हो रहा है।
फर्टिलाइजर कंपनियां आरआईएल से गैस खरीदेगी, क्योंकि यहां गैस की कीमत हाजिर बाजार से कम यानी 4.2 डॉलर प्रति एमबीटीयू है। फर्टिलाइजर कंपनियों ने इस बाबत 27 मार्च को आरआईएल के साथ समझौता पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं।
नागार्जुन फर्टिलाइजर्स ऐंड केमिकल्स, राष्ट्रीय केमिकल्स ऐंड फर्टिलाइजर्स, इफको, कृभको, जीएनएफसी, गुजरात स्टेट फर्टिलाइजर्स ऐंड केमिकल्स, टाटा केमिकल्स, नैशनल फर्टिलाइजर्स, चंबल फर्टिलाइजर्स ऐंड केमिकल्स, श्याम फर्टिलाइजर्स, इंडोगल्फ फर्टिलाइजर्स और श्रीराम फर्टिलाइजर ऐंड केमिकल्स उन कंपनियों में शुमार हैं, जो आरआईएल द्वारा उत्पादित 14 एमएससीएमडी गैस की पहली खेप हासिल करेगी।