देश का 500 करोड़ रुपये का फैशन डिजाइनिंग उद्योग भी आर्थिक मंदी की बयार से अछूता नहीं रहा है।
बाजार ठंडा होने से घबराए देश के तीनों फैशनवीक के आयोजक अब डिजाइनर, खरीदारों और प्रायोजकों को शुल्क कटौती और प्रचार जैसे कई लुभावने ऑफर दे रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि फैशनवीक में खरीदार, बिक्रेता और डिजायनर सब एक साथ भाग लेते हैं। देश में तीन बड़े फैशनवीक डेल्ही फैशनवीक, विल्स लाइफस्टाइल फैशनवीक और लक्मे फैशनवीक का आयोजन होता है।
डेल्ही फैशनवीक और विल्स लाइफस्टाइल इंडिया फैशनवीक का आयोजन इस बार 19 से 24 मार्च तक किया जा रहा है। लक्मे फैशनवीक का आयोजन मुंबई में 27 से 31 मार्च तक होना है। पिछले साल तो फैशन उद्योग 25 फीसदी की दर से आगे बढ़ रहा था। उस समय खरीदार, डिजाइनर और प्रायोजक सबके सब चांदी काट रहे थे। लेकिन साल भर के अंदर सब कुछ बदल गया है।
विल्स लाइफस्टाइल इंडिया फैशनवीक के आयोजक फैशन डिजाइन काउंसिल ऑफ इंडिया (एफडीसीआई) के अध्यक्ष सुनील सेठी बताते हैं, ”इस समय खरीदारी का अनुकूल माहौल बिल्कुल ही नहीं है। पिछले साल की तुलना में खरीदारी बहुत सीमित रह गई है।” इसलिए एफडीसीआई डिजाइनरों के भागीदारी शुल्क में 30 फीसदी की छूट दे रहा है।
साथ ही, यहां युवा डिजाइनरों को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। सेठी के मुताबिक, ”इस फैशनवीक में सस्ती दर पर युवा डिजाइनरों को अपनी क्षमता का प्रदर्शन करने का मौका मिलेगा।” अमेरिका और यूरोप के खरीदारों के चौकन्ने और मितव्ययी होने से व्यवस्थापकों ने अपना ध्यान पश्चिम एशिया पर बढ़ा दिया है।
मालूम हो कि डिजायनरों के लिए घरेलू बाजार के बाद पश्चिम एशिया ही सबसे बड़ा बाजार है। डेल्ही फैशनवीक के प्रमुख सुमीत नायर ने बताया, ”खरीदार यदि हमारे पास नहीं आ रहे हैं तो हम खरीदारों के पास जाएंगे।” नायर ने उम्मीद जताई कि इस बार पश्चिम एशिया के प्रतिनिधित्व में 25-30 फीसदी का इजाफा होगा।
नायर ने बताया कि उन्हें दुबई के प्रमुख रिटेलर डिजाइनर्स लाउंज और डोरिस डल्स के भाग लेने की पुष्टि मिल गई है। लक्मे फैशनवीक की थीम इस बार पहुंच (एक्सेसिबिल्टि) है। इस बार डिजाइनरों के लिए रजिस्ट्रेशन शर्तों में ढील दी गई है। इसके अलावा, आयोजन स्थान बदल दिया गया है। अब यह शो ग्रैंड हयात होटल में आयोजित होगा।
सबसे बड़ा फैशनवीक का दावा करने वाले इस शो में 73 डिजायनरों जिनमें मनीष मल्होत्रा, सब्यसाची, नीता लूला, विक्रम फड़नीस और अनामिका खन्ना आदि शामिल हैं, भाग लेते हैं। इस बार शो में डिजायनरों का पंजीकरण शुल्क नहीं बढ़ाया गया है। लक्मे फैशनवीक के सलाहकार अनिल चोपड़ा ने बताया, ”इस मुश्किल वक्त में प्रायोजक और डिजाइनर विकल्प मुहैया करा रहे हैं। उन्हें लागत घटाने और फोकस बढ़ाने का अहसास है।”