देश में फ्लैशलाइट बाजार की अग्रणी कंपनी एवरेडी इंडस्ट्रीज अपने व्यापार को आगे बढ़ाने के लिए भारत और चीन के बीच बढ़ते सीमा विवाद के कारण पैदा हुई चीन विरोधी भावना पर दांव लगा रही है। लोकलसर्किल्स द्वारा हाल में किए गए एक सर्वेक्षण में शामिल 58 फीसदी प्रतिभागियों ने चीन की कंपनियों का बहिष्कार करने की इच्छा जताई जबकि 42 फीसदी प्रतिभागियों का कहना था कि सरकार चीन से आयातित वस्तुओं पर भारी आयात शुल्क लगाए ताकि चीनी वस्तुओं की आपूर्ति को हतोत्साहित किया जा सके।
इस सर्वेक्षण के तहत देश भर के 235 जिलों में 32,000 से अधिक भारतीयों से पूछताछ की गई। संयोग से देश में करीब 50 फीसदी फ्लैशलाइट बाजार पर चीन से आयातित वस्तुओं का वर्चस्व है। उद्योग के वरिष्ठ अधिकारियों से प्राप्त आंकड़ों से पता चलता है कि वर्ष 2018-19 में चीन से करीब 6.16 करोड़ फ्लैशलाइट का आयात किया गया जबकि वर्ष 2019-20 में यह आंकड़ा 16.94 फीसदी बढ़त के साथ करीब 7.2 करोड़ फ्लैशलाइट तक पहुंच गया। एवरेडी सालाना करीब 2.1 लाख फ्लैशलाइट की बिक्री करती है।