वित्तीय संकट में फंसी राष्ट्रमंडल खेलगांव का निर्माण कर रही कंपनी एमार एमजीएफ के लिए दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) जल्द ही वित्तीय राहत पैकेज की घोषणा कर सकता है।
उल्लेखनीय है कि डीडीए को राष्ट्रमंडल खेलों के मद्देनजर बनाई जा रही परियोजनाओं की जिम्मेदारी सौंपी गई है। सूत्रों का कहना है कि डीडीए एमार एमजीएफ के लिए 300 करोड़ रुपये आसान ऋण प्रस्ताव को अंतिम रूप देने में लगा है।
इसके तहत डीडीए डेवलपर कंपनी से खेलगांव में बनने वाले करीब 300 अपार्टमेंट को किफायती दरों पर खरीद सकता है। डीडीए के एक प्रवक्ता ने बताया कि डीडीए का मुख्य मकसद परियोजना को समय पर पूरा करना है। यही वजह है कि प्राधिकरण इन परियोजनाओं पर नजर रखे हुए है।
उल्लेखनीय है कि एमार एमजीएफ डीडीए के साथ सार्वजनिक-निजी साझेदारी के तहत राष्ट्रमंडल खेलगांव में 1,168 फ्लैटों का निर्माण कर रही है। 2010 में होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों के दौरान इनमें 8,500 खिलाड़ियों और उनके परिजनों के रहने की व्यवस्था की जानी है। इस प्रस्ताव के तहत कंपनी 786 फ्लैटों की बिक्री खेल पूरा होने के बाद कर सकती है।
कंपनी को उम्मीद थी कि इस परियोजना के लिए फंड की व्यवस्था फ्लैटों को बेचकर की जा सकती है। इनमें से कुछ फ्लैटों की कीमत 2 करोड़ रुपये रखी गई है। लेकिन मंदी की वजह से प्रस्तावित खेलगांव के फ्लैटों की मांग कम हो गई है। ऐसे में परियोजना के समय पर पूरा नहीं होने की आशंका हो गई।
एमार एमजीएफ के एक प्रवक्ता ने बताया कि कंपनी डीडीए के साथ फंड जुटाने के लिए विभिन्न उपायों पर विचार कर रही है। परियोजना का कार्य समयानुसार चल रहा है और यह तय समय में पूरा हो जाएगा। डीडीए के प्रवक्ता ने बताया कि परियोजना का करीब 40 फीसदी का कार्य पूरा हो चुका है, जबकि शेष कार्य अप्रैल 2010 तक पूरा हो जाएगा।