विवादित आईटी कंपनी सत्यम के एक बोर्ड सदस्य दीपक पारेख ने बताया है कि कंपनी की हिस्सेदारी बेचने से संबंधित घोषणा शनिवार को की जाएगी।
इस बीच बोर्ड अध्यक्ष किरण कार्णिक ने कहा है कि कंपनी की मूल्यांकन प्रक्रिया अभी जारी है। हालांकि, कंपनी हिस्सेदारी बेचने की अपनी पूर्व घोषित तिथि से बंधी है।
शुक्रवार को सत्यम की हिस्सेदारी बेचने और बोली लगाने वालों की तकनीकी योग्यता जांचने के लिए सत्यम बोर्ड ने मुंबई में एक अनौपचारिक बैठक की। इस बैठक में निवेश बैंक एवेंडस और गोल्डमैन सैक्स सहित बोली दाताओं ने भी शिरकत की।
लार्सन ऐंड टुब्रो और टेक महिन्द्रा के अधिकारियों ने बोर्ड सदस्यों से मुलाकात की। इन अधिकारियों में एलऐंडटी के मुख्य वित्त अधिकारी वाई. एम. देवस्थली, टेक महिन्द्रा के उपाध्यक्ष, प्रबंध निदेशक और सीईओ विनीत नायर प्रमुख रहे।
सत्यम बोर्ड ने गुरुवार को स्पष्ट किया था कि नीलामी प्रकिया को और पारदर्शी बनाने के लिए उसने कुछ परिवर्तन किए हैं। नए नियम के मुताबिक, सबसे ऊंची बोली लगाने वाले को विजेता घोषित कर दिया जाएगा, यदि उसकी निकटतम प्रतिद्वंद्वी कंपनी की बोली उससे 10 फीसदी कम रही।
यदि इस प्रतिद्वंद्वी कंपनी की बोली 10 फीसदी से कम पीछे रही तो कंपनी की खुली नीलामी की जाएगी। समझा जा रहा है कि बोर्ड ने 8 बोलीदाताओं को शॉर्टलिस्ट किया है। इनमें एलऐंडटी, आईबीएम और टेक महिन्द्रा मुख्य हैं। जबकि पारदर्शिता की कमी का आरोप लगाते हुए स्पाइस समूह ने अपनी बोली वापस ले ली थी।
सत्यम की संपत्ति और उसकी देनदारियों का मूल्यांकन अमेरिका की निजी पूंजी फर्म डब्ल्यू. एल. रॉस ऐंड कंपनी कर रही है। शॉर्टलिस्ट की गई कंपनियों से कहा जाएगा कि वे सत्यम में 31 फीसदी हिस्सेदारी खरीदने के लिए अपनी बोली अगले हफ्ते तक जमा कर दें। सफल बोलीदाता कंपनी की अतिरिक्त 20 फीसदी हिस्सेदारी खरीदने के लिए शेयरधारकों को ओपेन ऑफर दे सकेगी।
राजू के खातों पर भी नजर
सत्यम कंप्यूटर में करोड़ों रुपये के वित्तीय घोटाले की जांच कर रही सीबीआई कंपनी के संस्थापक बी. रामलिंग राजू के बैंक खातों के बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए जल्द ही अमेरिकी प्रशासन से संपर्क करेगी।
सूत्रों ने बताया कि सीबीआई अमेरिकी न्याय विभाग को अनुरोध पत्र भेजकर राजू के बैंक ऑफ बड़ौदा की न्यूयॉर्क शाखा के खातों के बारे में विस्तृत जानकारी की मांग करेगी। जांच एजेंसी राजू और उनके रिश्तेदारों के खातों के बारे में विस्तृत ब्योरा प्राप्त करने के लिए अमेरिकी ट्रेजरी विभाग से भी अनुरोध करेगी।
ऐसा माना जा रहा है कि राजू और उसके रिश्तेदार के बैंक आफ अमेरिका में खाते हैं। सूत्रों के अनुसार बैंक खातों के बारे में विस्तृत ब्योरा प्राप्त करने के बाद इसे हैदाराबाद की अदालत के समक्ष पेश किया जाएगा।