संकटग्रस्त सूचना प्रौद्योगिकी कंपनी सत्यम कंप्यूटर सर्विसेज को बेचने की औपचारिक प्रक्रिया इस हफ्ते शुरू हो सकती है।
इस मामले से जुड़े सूत्रों के मुताबिक सत्यम के नवगठित बोर्ड ने इस बारे में मसौदा तैयार करके उसे कंपनी लॉ बोर्ड (सीएलबी) और भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के पास भेज भी दिया है।
इस मसौदे में कई चीजें शामिल हैं। मसलन, कंपनी के शीर्ष 5-10 ग्राहकों से होने वाले आमदनी, उनके साथ अनुबंध की अवधि, वगैरह-वगैरह। फिलहाल तो इस कंपनी की न्यूनतम कीमत इसकी पूरी परिसंपत्तियों और पिछले दो हफ्तों के दौरान शेयरों की औसत कीमत के आधार पर ही तय की जाएगी।
वैसे तो इस तरह के मामलों में 6 महीनों के दौरान शेयर की औसत कीमत रखी जाती है। लेकिन, सत्यम के मामले में बाजार नियामक सेबी ने विशेष छूट के तहत यह प्रावधान किया।
कंपनी की 51 फीसदी हिस्सेदारी बेची जाएगी। इस लिहाज से जो भी खरीदार इस हिस्सेदारी को खरीदेगा, कंपनी के बोर्ड में उसका ही दबदबा होगा। अपने इस अधिकार के चलते नया खरीदार तत्काल प्रभाव से नया बोर्ड भी गठित कर सकता है।