सीएलआईओ अवार्ड अंतरराष्ट्रीय विज्ञापन और डिजाइन जगत के सबसे महत्वपूर्ण सम्मानों में से एक है। यह सम्मान रचनात्मक उत्कृष्टता के लिए दिया जाता है।
आगामी मई में सीएलआईओ लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड विडेन-कैनेडी कंपनी के सह-संस्थापक और मुख्य कार्यकारी डैन विडेन को दिया जाने वाला है। गोवा ऐडफेस्ट के दौरान सुवि डोगरा और सपना अग्रवाल ने डैन विडेन ने बात की। प्रस्तुत है बातचीत के प्रमुख अंश :
सीएलआईओ लाइफ टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड मिलने पर कैसा लग रहा है आपको?
मुझे सच में नहीं पता कि मैं इस बारे में आपसे क्या कहूं!
आप नोकिया इंस्ट्रूमेंटल को भारत लेकर क्या इसलिए आए कि भारत उभरता बाजार है?
भारत हमारे लिए धीरे-धीरे महत्वपूर्ण हो चला है। पिछले 10 साल से यह बाजार हमारे दिमाग में था। नोकिया हमारे लिए भारत में अच्छी शुरुआत का आधार बना, यहां आने का कारण नहीं।
विश्व में हम जहां भी जाते हैं, वहां बिना मुनाफा के कई साल तक केवल निवेश करते हैं। यह अलग बात है कि यहां हमने 2 साल के भीतर ही मुनाफा कमाना शुरू कर दिया। इससे जाहिर होता है कि हम आगे खूब तरक्की करने वाले हैं।
विडेन-केनेडी भारत की विज्ञापन दुनिया में आने वाली पहली अमेरिकी ऐड ऐजेंसी है। कठिन प्रतियोगिता में आगे बढ़ने के लिए आप क्या करने वाले हैं?
अपने काम के प्रति हम यथार्थवादी हैं। हम प्रतियोगिताओं की चिंता नहीं करते। हम उनके लिए काम करते हैं, जिनके काम को हम समझेंगे। सही है कि विज्ञापन किसी भी ब्रांड को बनाने में मदद करता है। लेकिन कभी आप एक कमजोर उत्पाद को मजबूत ब्रांड नहीं बना सकते।
विडेन-केनेडी के काम युवाओं को काफी पसंद आते हैं। क्या यह आपकी एजेंसी की कोई खास नीति है?
हमारे ज्यादातर ब्रांडों के लक्षित ग्राहक युवा ही हैं। ऐसे में हमारे लिए यह जरूरी है कि हम ऐसा विज्ञापन बनाए, जो युवाओं को आकर्षित कर सकें। लेकिन कोका-कोला जैसे ब्रांड का इस्तेमाल करने वाले युवाओं की काफी ज्यादा है। ऐसे में हमें अपनी रणनीति बदलनी पड़ती है। वैसे एक अच्छी एजेंसी के लिए जरूरी है कि वह अपनी ब्रांड की कई तरह की विशेषताओं को अच्छी तरह समझे।