facebookmetapixel
Advertisement
Gold-Silver Outlook: क्या अगले हफ्ते महंगा होगा सोना-चांदी? फेड के फैसले समेत इन संकेतों पर रहेगी नजरबिना प्रॉपर्टी खरीदे करें रियल एस्टेट में निवेश! Edelweiss MF ला रहा भारत का पहला REIT Index Fund, ₹100 से होगी शुरुआत‘आम जनता को न दौड़ाएं टैक्स अधिकारी’, बोलीं सीतारमण: अधिकारियों का सुस्त रवैया चिंताजनकNippon India MF ने रचा इतिहास, 4 करोड़ फोलियो पार करने वाली देश की पहली AMC बनीIndia-US Trade Talks: अमेरिका के अतिरिक्त टैरिफ पर भारत को बड़ी राहत, जेनेरिक दवाओं और स्मार्टफोन को छूटUpcoming IPO This Week: निवेशक पैसा रखें तैयार! अगले हफ्ते खुल रहे हैं तीन मेनबोर्ड वाले IPOStock Market Outlook: इस हफ्ते कैसी रहेगी बाजार की चाल? इन ग्लोबल और घरेलू कारकों पर रहेगी नजरबिकवाली के दबाव में फिसला बाजार: टॉप-10 कंपनियों के डूबे ₹2.74 लाख करोड़, HDFC Bank को सबसे बड़ा झटकाPM मोदी ने ‘मन की बात’ में कारगिल के वीरों को किया नमन, विक्रम-1 रॉकेट, ‘हर घर तिरंगा’ और युवाओं पर भी रखी बातवैश्विक अनिश्चितता के बावजूद रफ्तार पकड़ेगा देश का टू-व्हीलर निर्यात, हीरो-बजाज और TVS ने साफ की स्थिति

AI चिप्स से दुनिया जीतने की तैयारी में ये भारतीय कंपनी, जुटाएगी 25 करोड़ रुपये

Advertisement

₹35,000 से ₹3,000 तक कीमत लाने की तैयारी, DeepGrid स्टार्टअप का बड़ा दांव

Last Updated- March 23, 2026 | 8:41 AM IST
semiconductor chips

सेमीकंडक्टर चिप डिजाइन और विनिर्माण स्टार्टअप डीपग्रिड सेमी अपने आर्टिफिशल इंटेलीजेंस (एआई) से संचालित सिस्टम-ऑन-चिप (एसओसी) समाधानों के लिए 25 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही है। यह एसओसी समाधान एडवांस ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम (एडीएएस) के लिए है। कंपनी के संस्थापक अरविंद प्रसाद के अनुसार इन चिप को बाजार में लाने डिजाइन तैयार करने और बनाने के लिए संयंत्र में भेजने की (टेप-आउट) प्रक्रिया शुरू करने के लिए पूंजी जुटाना आवश्यक है।

प्रसाद ने बताया, ‘हमने तकनीकी जानकारी हासिल कर ली है और इसे एफपीजीए (फील्ड-प्रोग्रामेबल गेट एरे) में लागू करना शुरू कर दिया है, जहां एक चिपसेट की कीमत लगभग 35,000 रुपये है। अगर हम इसकी कीमत 3,000 रुपये तक लाना चाहते हैं तब हमें टेप-आउट की जरूरत है जिसकी लागत लगभग 30 लाख डॉलर आएगी।’

तेलंगाना सरकार के टी-हब द्वारा समर्थित इस स्टार्टअप का लक्ष्य अगले 10 महीनों में इन एसओसी चिपसेट का टेप-आउट पूरा करना है। यह इस बात पर निर्भर करेगा कि वेंचर कैपिटलिस्ट और एंजल इन्वेस्टर के साथ उनकी बातचीत कैसी रहती है।

निवेशकों को आकर्षित करने के लिए डीपग्रिड सेमी एफपीजीए के कई यूज केस पर जोर दे रही है ताकि उत्पाद बाजार में इसे दिखाया जा सके। एफपीजीए असल में एक सेमीकंडक्टर इंटीग्रेटेड सर्किट (आईसी) है जो उपयोगकर्ताओं को मैन्युफैक्चरिंग के बाद लॉजिक ब्लॉकों और इंटरकनेक्ट्स को कॉन्फिगर और इसकी दोबारा प्रोग्रामिंग करने की सुविधा देता है। ये आईसी फील्ड ट्रायल के आधार पर जल्दी अपडेट हो सकते हैं।

प्रसाद ने कहा, ‘हमने ह्यूमनॉयड्स, ऑटोनॉमस मोबाइल रोबोट्स (एएमआर) और सी पोर्ट्स के लिए ऑटोमेटेड गाइडेड व्हीकल्स (एजीवी) पर कुछ फील्ड ट्रायल किए हैं। हमारे लिए यूज केस पर ध्यान केंद्रित करना बेहतर है क्योंकि हम पैसे जुटा रहे हैं। जब हम पैसा जुटा लेंगे तब भी हम केवल अपने यूज केस को बढ़ाना चाहेंगे।’

कंपनी कुछ घरेलू और अंतरराष्ट्रीय वाणिज्यिक एवं निजी वाहन निर्माताओं से भी बातचीत कर रही है जो भारत में अपनी गाड़ियां बनाते हैं, ताकि एडीएएस चिप के फील्ड ट्रायल किए जा सकें। प्रसाद ने यह भी कहा कि इस क्षेत्र में इस तरह के समाधानों के लिए तंत्र की कमी है।

उन्होंने कहा, ‘कुछ कंपनियां जिन्हें डिजाइन से जुड़ी प्रोत्साहन योजना के तहत सरकार से फंड मिलता है, वे भी अपने खरीदारों को आश्वस्त करने में कठिनाई महसूस कर रही हैं और सरकार से कोई समाधान खोजने के लिए कह
रही हैं।’

Advertisement
First Published - March 23, 2026 | 8:41 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement