एक भारतीय कंपनी के अधिग्रहण को लेकर सन फार्मास्युटिकल्स इंडस्ट्रीज और इजरायल की दवा कंपनी टारो के बीच चल रही खींचतान अब थम सकती है। ये दोनों कंपनियां अदालत के पचड़े में फंसने के बजाय अदालत के बाहर ही कोई समझौता करने की तैयारी कर रही हैं।
एक इजरायली अखबार की खबर के मुताबिक पिछले गुरुवार को सन फार्मा के प्रबंध निदेशक दिलीप सांघवी और टारो के चेयरमैन बैरी लेविट के बीच इस मामले में बातचीत भी हुई है।
सन फार्मा के प्रवक्ता ने इस बातचीत के बारे में तो कोई टिप्पणी नहीं कि लेकिन बीच के रास्ते से भी इनकार नहीं किया। सांघवी और लेविट में पिछले महीने तक अधिग्रहण के लिए सहमति नहीं बन पा रही थी ।
लेकिन इन दोनों ने इजरायल में वकील राम कास्पी के यहां पर इस मामले पर सहमति बनाने की कोशिश की। सूत्रों के मुताबिक इस बैठक में फ्रैंकलिन टैंपलटन का प्रतिनिधि भी मौजूद था। सन टारो में फ्रैंकलिन टैंपलटन की 13.1 फीसदी हिस्सेदारी है।
कंपनी के एक प्रवक्ता का कहना है, ‘मौजूदा हालात में किसी भी बात के बारे में अनुमान लगाना सही नहीं होगा।’ प्रवक्ता ने यह भी कहा कि लेविट ने जो संशोधित कीमत सुझाई है, उस पर भी बातचीत चल रही है।
इजरायली कोर्ट के हिसाब से शुरुआती दौर में जो बातचीत चल रही थी, उसके मुताबिक विलय के लिए टारो प्रति शेयर के हिसाब से 15 डॉलर मांग रही थी।
दूसरी ओर सन, प्रति शेयर के हिसाब से 7.75 डॉलर देने के लिहए ही तैयार थी। इसमें संस्थापकों के शेयरो को जोड़कर टारो ने 9.50 डॉलर प्रति शेयर देने का प्रस्ताव भी रखा था।
सन फार्मा ने टारो का ऑफर ठुकरा दिया था। इस कंपनी का कहना था कि टारो जो कीमत मांग रही है वह कंपनी के मूल्यांकन से भी ज्यादा है। सन का आरोप था कि टारो ने पिछले तीन साल से ऑडिट सहित दूसरे महत्वपूर्ण दस्तावेजों को पेश नहीं किया है।
सन और टारो की अदालत से बाहर फैसले की बातचीत
दोनों कंपनी के अधिकारी कर रहे हैं बात
पिछले हफ्ते बैठक में फ्रैंकलिन टैंपलटन भी शामिल
इजरायली कोर्ट का मध्यस्थता का निर्देश