निजी क्षेत्र की देश की सबसे बड़ी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिडेट और उसकी सहयोगी कंपनी रिलायंस पेट्रोलियम के आपस में विलय के मसले पर मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाला समूह सोमवार को बैठक करेगा।
दोनों कंपनियों का बोर्ड इस बैठक में इसी मुद्दे पर विचार करेगा। सूत्रों का कहना है कि मौजूदा शेयर कीमतों के मुताबिक इस विलय में रिलायंस इंडस्ट्रीज के एक शेयर को रिलायंस पेट्रोलियम के 16 या 17 शेयर के बराबर रखा जा सकता है। हालांकि कंपनियों ने शेयर अदला-बदली अनुपात के बारे में अभी खुलासा नहीं किया है।
यदि इन दोनों कंपनियों का विलय हो जाता है तो संयुक्त कंपनी 2.33 लाख करोड़ रुपये की कंपनी हो जाएगी। फिलहाल आरआईएल का बाजार पूंजीकरण 1.99 लाख करोड़ रुपये का है।
दिसंबर 2008 तक प्रवर्तकों के पास आरआईएल के 49 फीसदी शेयर हैं, वहीं आरपीएल में उनके 70.38 फीसदी शेयर हैं। इस विलय के बाद अस्तित्व में आने वाली कंपनी मुनाफे के लिहाज से दुनिया की शीर्ष 50 कंपनियों में शामिल हो जाएगी।